
बिहार: सरकार ने सीतामढ़ी जिले में प्रस्तावित सीतापुरम ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, भूमि विकास और भवन निर्माण पर 30 जून 2027 तक रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध मास्टर प्लान तैयार होने तक लागू रहेगा और आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दिया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने यह निर्णय शहरी आयोजना एवं विकास अधिनियम 2012 की धारा 9(7) और नियमावली 2014 के नियम 9(8) के तहत जारी किया है। विभाग के अनुसार 26 जून 2026 को सीतामढ़ी आयोजना क्षेत्र का विस्तार किया गया था, जिसके बाद इस ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने और भविष्य में अनियंत्रित विकास को रोकने के लिए यह अस्थायी रोक लगाई गई है।
अधिसूचना के अनुसार इस विशेष क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जमीन की खरीद-बिक्री, प्लॉटिंग, भूमि का विकास, जमीन का हस्तांतरण या नए भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध सीतापुरम ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र के लिए लागू किया गया है, जिसमें कई पंचायत और नगर निगम के वार्ड शामिल हैं। इसमें डुमरा प्रखंड के पुनौरा को कोर क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा लौहदिया, कोकना, मनियारी, बखरी, रामपुर परोरी, बरहरवा, बनचौरी, खैरवा, हरिछपरा, बेरवास, भवप्रसाद, मुरादपुर, करनहिया, खरका, पुनौरा, मधुबन सहित सीतामढ़ी नगर निगम के कई वार्ड भी इस क्षेत्र में आते हैं। साथ ही परसौनी प्रखंड का देमा गांव और रीगा प्रखंड के कुछ गांव भी इस विशेष क्षेत्र का हिस्सा बनाए गए हैं।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रोक केवल अस्थायी है और इसका उद्देश्य मास्टर प्लान के तहत सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है। विभाग का कहना है कि जब तक मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता, तब तक इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अनियंत्रित निर्माण या भूमि संबंधी गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जाएगा। आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध विभागीय संकल्प संख्या-6608, दिनांक 19 जून 2026 के साथ प्रभावी रहेगा।
अपर सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सरकार का उद्देश्य इस पूरे क्षेत्र को एक सुनियोजित ग्रीनफील्ड टाउनशिप के रूप में विकसित करना है, ताकि भविष्य में शहरी विकास व्यवस्थित तरीके से हो सके और अव्यवस्थित निर्माण से बचा जा सके। इस निर्णय के बाद संबंधित क्षेत्रों में जमीन से जुड़े सभी प्रकार के लेन-देन और निर्माण गतिविधियों पर रोक लग गई है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे इस आदेश का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध या प्रतिबंधित गतिविधि से दूर रहें।





