बिहार

सरकार का रोड टैक्स नीति पर बड़ा फैसला

Saba Naaz
5 July 2026 3:22 PM IST
सरकार का रोड टैक्स नीति पर बड़ा फैसला
x

बिहार: स्टेट हाईवे (SH) से गुजरने वाले वाहनों से टोल टैक्स वसूलने की प्रक्रिया इस साल नवंबर से पहले शुरू होना मुश्किल माना जा रहा है। पथ निर्माण विभाग फिलहाल पूरे राज्य में सर्वे का काम कर रहा है, जिसके तहत सड़कों पर कैमरे लगाए गए हैं और वाहनों की गिनती की जा रही है। इस सर्वे का उद्देश्य यह पता लगाना है कि किसी भी स्टेट हाईवे पर एक महीने में कितनी गाड़ियों की आवाजाही होती है। विभाग के अनुसार यह सर्वे लगभग दो महीने तक चलेगा। इसके लिए स्टेट हाईवे के दोनों छोरों पर विशेष कैमरे लगाए गए हैं, जो गुजरने वाले हर वाहन की संख्या को रिकॉर्ड कर रहे हैं। इस डेटा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस सड़क पर टोल वसूली की कितनी क्षमता है और आगे टेंडर प्रक्रिया कैसे होगी।

पथ निर्माण विभाग की नई टोल नीति में “एनुअल पोटेंशियल कलेक्शन” को सबसे अहम माना गया है। इसके तहत यह आकलन किया जाएगा कि किसी स्टेट हाईवे पर औसतन हर महीने कितनी गाड़ियां गुजरती हैं और उससे कितनी संभावित कमाई हो सकती है। इसके बाद टोल एजेंट का खर्च, सड़क रखरखाव की लागत और अन्य खर्च जोड़कर बेस प्राइस तय किया जाएगा, जिसके आधार पर टेंडर जारी होंगे। सरकार ने यह भी अनुमान लगाया है कि हर साल वाहनों की संख्या में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसी अनुमान को टोल गणना में शामिल किया जाएगा। साथ ही टोल से छूट प्राप्त वाहनों की संख्या को भी इस गणना में जोड़ा जाएगा ताकि राजस्व का सही अनुमान लगाया जा सके।

अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि किस रूट पर कितना टोल लगेगा और कौन से हिस्से टोल के दायरे में आएंगे। चर्चा यह भी है कि अधिकतम 20 किलोमीटर के दायरे को ही टोल सिस्टम में शामिल किया जा सकता है। कैबिनेट स्तर पर यह पहले ही तय हो चुका है कि टोल दरें प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय होंगी, लेकिन अंतिम दर और रूट-वार शुल्क सर्वे रिपोर्ट के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही टोल वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी।

फिलहाल पूरे राज्य में कैमरा आधारित वाहन गणना और डेटा संग्रह का काम जारी है, जिसके पूरा होने के बाद बिहार में स्टेट हाईवे टोल सिस्टम की रूपरेखा स्पष्ट हो जाएगी।

Next Story