
पटना। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिवान के उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड उर्फ अंकेश राज गोंड के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच के दौरान अधिकारियों को उनकी ज्ञात आय से करीब 2.36 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं। ईओयू की टीम ने गुरुवार को उत्पाद निरीक्षक के दानापुर, मुंगेर और सिवान स्थित पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अंकेश कुमार गोंड के पास आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 201 प्रतिशत अधिक संपत्ति मौजूद है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा जमीन और मकान खरीदने में लगाया गया है। अधिकारियों को जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में ईओयू थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। ईओयू ने बताया कि अंकेश कुमार गोंड ने अपने सेवाकाल के दौरान पटना, मुंगेर और सिवान में संपत्तियां खरीदी हैं। जांच में अब तक तीन जमीन और एक मकान की जानकारी मिली है। एजेंसी अब इन संपत्तियों के स्रोत और खरीद में इस्तेमाल धन की जांच कर रही है।
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, अंकेश कुमार गोंड की नियुक्ति वर्ष 2005 में उत्पाद सहायक अवर निरीक्षक के पद पर हुई थी। लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई स्थानों पर तैनाती के दौरान संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन का स्रोत क्या था। छापेमारी के बाद ईओयू ने मामले की जानकारी मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग को भी भेज दी है। विभाग को दर्ज प्राथमिकी और छापेमारी में मिली जानकारी से अवगत कराया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। यदि जांच में अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने की पुष्टि होती है तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। ईओयू लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है, जिसमें सरकारी पद पर रहते हुए अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आते हैं।
फिलहाल अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ जांच प्रक्रिया जारी है। एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।





