
गोपालगंज। बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। अब स्कूलों में पोषण वाटिका विकसित की जाएगी, जहां मौसमी सब्जियां, साग और फल उगाए जाएंगे। इनसे मिलने वाली ताजी और जैविक उपज को बच्चों के मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) में शामिल किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य बच्चों को अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और उनमें स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करना है। विभाग का मानना है कि स्कूलों में तैयार होने वाली पोषण वाटिका से बच्चों को ताजी सब्जियां और फल मिलेंगे, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार आएगा और कुपोषण से लड़ाई को मजबूती मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, गोपालगंज जिले के चयनित सरकारी विद्यालयों में बरसात के मौसम से पोषण वाटिका विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र के निर्देश के बाद जिला शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान को तेजी से शुरू करने के लिए कहा है। विद्यालयों में उपलब्ध खाली जमीन का उपयोग पोषण वाटिका बनाने के लिए किया जाएगा। इसमें स्थानीय मौसम और मिट्टी के अनुसार विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियां उगाई जाएंगी।
पोषण वाटिका में पालक, मेथी, धनिया, टमाटर, बैंगन, भिंडी, लौकी, कद्दू सहित अन्य मौसमी सब्जियों के उत्पादन पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा जरूरत के अनुसार फलदार पौधे भी लगाए जा सकते हैं। इससे बच्चों को भोजन में अतिरिक्त पोषण मिलेगा और स्कूलों को ताजी सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
इस अभियान में छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। बच्चों को पौधारोपण, सब्जी उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इससे उनमें खेती-किसानी के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे प्रकृति के करीब आ सकेंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि पोषण वाटिका केवल भोजन की गुणवत्ता सुधारने का माध्यम नहीं होगी, बल्कि यह बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान देने का भी एक बेहतर तरीका बनेगी। छात्र पौधों की देखभाल, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझ सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, विद्यालयों में पोषण वाटिका तैयार करने के लिए स्थानीय स्तर पर शिक्षकों, छात्रों और समुदाय का सहयोग लिया जाएगा। इससे अभियान को सफल बनाने में मदद मिलेगी। स्कूल प्रबंधन समितियां भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में पोषण वाटिका अभियान को एक प्रभावी कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के भोजन में ताजी सब्जियों और फलों की उपलब्धता बढ़ने से उनके शारीरिक विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो सकता है।
बिहार के सरकारी स्कूलों में शुरू होने वाली यह पहल आने वाले समय में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। यदि योजना सफल रहती है तो अन्य जिलों के विद्यालयों में भी इसे विस्तार दिया जा सकता है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य और पोषण भी उपलब्ध कराया जाए।





