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बिहार में बाजार समिति परिसरों से हटेगा अतिक्रमण, कृषि मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Kavita2
26 July 2026 10:28 AM IST
बिहार में बाजार समिति परिसरों से हटेगा अतिक्रमण, कृषि मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
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पटना : बिहार सरकार ने राज्य के कृषि बाजार समिति परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि बाजार समिति परिसर में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए नियमित निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

कृषि मंत्री ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी-सह-विशेष पदाधिकारी, कृषि बाजार समिति को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित बाजार परिसरों की लगातार निगरानी करें। उन्होंने कहा कि बाजार समिति की जमीन का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही होना चाहिए और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या अनधिकृत गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि बाजार समिति परिसर में किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन द्वारा बिना वैध अनुमति के किसी भी प्रकार के अवैध हाट, मेला या अन्य गतिविधियों का संचालन नहीं होने दिया जाए। यदि जांच के दौरान ऐसी कोई गतिविधि सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का मानना है कि कृषि बाजार समितियों की जमीन किसानों और कृषि व्यापार से जुड़ी सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में परिसर में अतिक्रमण या अवैध गतिविधियों के कारण व्यवस्था प्रभावित होती है और बाजार समिति के मूल उद्देश्यों को नुकसान पहुंचता है।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाजार समिति परिसरों का नियमित निरीक्षण किया जाए और अतिक्रमण की स्थिति में बिना देरी के कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाए, ताकि समय पर उचित कदम उठाए जा सकें।

राज्य सरकार की इस पहल को कृषि बाजार व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बाजार समितियों में किसानों को अपनी उपज बेचने, व्यापारियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन के लिए आधारभूत संरचना विकसित की जाती है। अतिक्रमण के कारण इन सुविधाओं के संचालन में कई बार परेशानी आती है।

अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बाजार समिति की जमीन पर भविष्य में भी अवैध कब्जा न हो। इसके लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और समय-समय पर कार्रवाई करने की जरूरत बताई गई है।

मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी दबाव में आए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। बाजार समिति परिसरों को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सूत्रों के अनुसार, राज्य के कई बाजार समिति परिसरों में समय-समय पर अवैध दुकानों, अस्थायी निर्माण और अन्य गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं। सरकार अब ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है।

अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन कर कार्रवाई की योजना तैयार करें।

सरकार का उद्देश्य बाजार समिति परिसरों को किसानों और व्यापारियों के लिए बेहतर सुविधा वाला क्षेत्र बनाना है। इसके लिए जरूरी है कि परिसर में अनधिकृत गतिविधियों को रोका जाए और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

कृषि बाजार समितियां राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यहां किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए प्लेटफॉर्म मिलता है और कृषि व्यापार को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में इन परिसरों को अतिक्रमण से मुक्त रखना जरूरी माना जा रहा है।

मंत्री के निर्देश के बाद अब अनुमंडल स्तर के अधिकारी बाजार समितियों की स्थिति की समीक्षा करेंगे। जिन स्थानों पर अतिक्रमण या अवैध गतिविधियां पाई जाएंगी, वहां नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार के इस फैसले से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में कृषि बाजार समितियों की जमीन को सुरक्षित रखने और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है और अब कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

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