
पटना : बिहार में इस वर्ष मानसून ने जुलाई महीने में रफ्तार पकड़ ली है। जून की तुलना में जुलाई में अधिक बारिश दर्ज होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। धान समेत खरीफ फसलों की खेती के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी साबित हो रही है। हालांकि मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में रविवार को भी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने बारिश के साथ ठनका (वज्रपात) गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को राज्य के करीब 18 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जिन जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है, उनमें पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल सहित कई अन्य जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की भी संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण बिहार में वर्षा की गतिविधियां बढ़ी हैं। यही वजह है कि जुलाई में बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।
बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। जून महीने में अपेक्षाकृत कम वर्षा होने के कारण किसान चिंतित थे और धान की रोपाई सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही थी। लेकिन जुलाई में अच्छी बारिश होने से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है और कृषि कार्यों में तेजी आई है। किसान अब धान की रोपाई के साथ-साथ मक्का, दलहन और अन्य मौसमी फसलों की खेती भी तेजी से कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक सामान्य बारिश जारी रहती है तो फसलों की पैदावार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
दूसरी ओर मौसम विभाग ने लोगों को वज्रपात को लेकर विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के दौरान ठनका गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विभाग ने कहा है कि गरज-चमक के समय खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसानों से भी अपील की गई है कि मौसम खराब होने पर खेतों में काम न करें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। इससे कमजोर निर्माण, अस्थायी ढांचे और पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को भी मौसम पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि बारिश की संभावना के बीच शनिवार को पूर्णिया में मौसम का अलग ही मिजाज देखने को मिला। सुबह से तेज धूप निकलने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिन चढ़ने के साथ तापमान बढ़ता गया और वातावरण में नमी अधिक होने के कारण गर्मी और भी परेशान करने लगी। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप के बीच बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही जारी रही, लेकिन गर्म हवाओं और उमस से बचने के लिए कई लोग पेड़ों की छांव में बैठकर राहत तलाशते नजर आए।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान बादलों और धूप का यह उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। कई बार सुबह तेज धूप निकलती है और दोपहर या शाम के समय बादल बनने के बाद बारिश हो जाती है। इसलिए लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
शहरी क्षेत्रों में भी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से उमस के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। यदि रविवार को अनुमान के अनुसार बारिश होती है तो तापमान में गिरावट आएगी और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाएगा। हालांकि जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश होगी, वहां जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली कड़कने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में कार्य करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें।
कुल मिलाकर, बिहार में जुलाई महीने में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। अच्छी बारिश से जहां किसानों को बड़ी राहत मिली है और खरीफ फसलों की खेती को गति मिली है, वहीं मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और ठनका को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते रुख को देखते हुए सावधानी बरतने और सरकारी सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।





