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त्योहारों में बढ़ेगा रोजगार
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में युवाओं के बीच गिग वर्क का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कॉलेज की पढ़ाई के साथ छात्र अब डिलीवरी, फ्रीलांसिंग और अन्य अस्थायी कामों के जरिए हर महीने अच्छी कमाई कर रहे हैं। कई युवा इन कामों से 15 से 20 हजार रुपये तक की मासिक आय हासिल कर रहे हैं।
बदलते रोजगार बाजार में गिग इकोनॉमी युवाओं के लिए एक नया विकल्प बनकर उभरी है। इसमें लोग किसी एक कंपनी में स्थायी नौकरी के बजाय अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग प्रोजेक्ट या काम करके कमाई करते हैं। भागलपुर में भी बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के साथ अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए गिग वर्क को अपना रहे हैं।
पढ़ाई के साथ समय के हिसाब से काम
भागलपुर के कई छात्र बताते हैं कि गिग वर्क की सबसे बड़ी खासियत समय की आजादी है। वे कॉलेज की कक्षाओं और परीक्षा की तैयारी के साथ अपने खाली समय में काम कर लेते हैं। डिलीवरी पार्टनर, ऑनलाइन सर्विस, डिजिटल काम और फ्रीलांसिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।
त्योहारों में बढ़ जाती है कमाई
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी और फूड डिलीवरी की मांग बढ़ने से गिग वर्क करने वालों की कमाई भी बढ़ जाती है। अनुमान है कि त्योहारों के दौरान भागलपुर के कई युवाओं की आय में 5 हजार रुपये तक अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। दिवाली, छठ और अन्य बड़े त्योहारों के समय ई-कॉमर्स और डिलीवरी कंपनियां ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत महसूस करती हैं। ऐसे समय में पार्ट टाइम काम करने वालों को अतिरिक्त अवसर मिलते हैं।
युवाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल
गिग वर्क ने उन युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता खोला है, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपनी जरूरतों के लिए कमाई करना चाहते हैं। कई छात्र अपनी फीस, मोबाइल खर्च और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए इन कामों से पैसे जुटा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ गिग इकोनॉमी आने वाले समय में और तेजी से बढ़ सकती है। हालांकि, इसमें काम करने वालों को आय की स्थिरता, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की चुनौती का भी सामना करना पड़ता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़े अवसर
मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल ने छोटे शहरों के युवाओं के लिए भी नए अवसर पैदा किए हैं। अब केवल बड़े शहरों तक सीमित रहने वाले गिग वर्क के मौके भागलपुर जैसे शहरों में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। युवाओं का मानना है कि पढ़ाई के साथ कमाई का यह तरीका उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ काम का अनुभव भी देता है।
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