बिहार

मनीष राज से पूछताछ में खुला नेपाल से जुड़ा नशे का नेटवर्क, सात बड़े तस्करों की तलाश

Kavita2
6 Oct 2026 2:38 PM IST
मनीष राज से पूछताछ में खुला नेपाल से जुड़ा नशे का नेटवर्क, सात बड़े तस्करों की तलाश
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मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए पूर्वी चंपारण के मादक पदार्थ कारोबारी मनीष राज से पूछताछ में नेपाल से जुड़े एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान मनीष ने सात बड़े तस्करों के नाम बताए हैं। पुलिस ने इनके मोबाइल नंबर भी जुटा लिए हैं और अब एक विशेष टीम इनके नेटवर्क, गतिविधियों और संपर्कों की जांच में जुटी है।

मनीष राज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पूछताछ में यह सामने आया कि मादक पदार्थों की तस्करी का यह नेटवर्क सीमावर्ती इलाकों से जुड़ा हुआ है और इसमें नेपाल कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेपाल से मादक पदार्थ किस रास्ते भारत में लाए जाते थे और किन लोगों के माध्यम से अलग-अलग जिलों में पहुंचाए जाते थे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मनीष की निशानदेही पर कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। सात संदिग्ध तस्करों की पहचान होने के बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस उनकी संभावित लोकेशन, संपर्क और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

जांच टीम ने आरोपियों के मोबाइल नंबर जुटा लिए हैं। अब इन नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और संपर्कों की जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सातों तस्कर किन-किन लोगों के संपर्क में थे और इनके नेटवर्क में कितने अन्य लोग शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थ के धंधे से जुड़े कई और लोगों की पहचान हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी की पुष्टि कर रही है और उसके आधार पर अलग-अलग टीमों को कार्रवाई के लिए लगाया गया है।

नेपाल से लगे बिहार के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती रही है। खुली सीमा, ग्रामीण रास्तों और कई वैकल्पिक मार्गों के कारण तस्कर अक्सर छोटे-छोटे वाहनों या व्यक्तिगत कैरियर के जरिए नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

मनीष राज से पूछताछ में सामने आए नामों को लेकर पुलिस सतर्कता बरत रही है। जांच पूरी होने से पहले अधिकारी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नेटवर्क का असली संचालन कौन कर रहा था और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नशीले पदार्थों की खेप मुजफ्फरपुर तक किस तरह पहुंचती थी। क्या इसके लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल होता था या रेल और अन्य साधनों के जरिए सामान भेजा जाता था, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

सिकंदरपुर थाना पुलिस ने मनीष राज से पूछताछ के दौरान उसके पुराने संपर्कों, बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की भी जानकारी ली है। पुलिस को शक है कि मादक पदार्थों की बिक्री से होने वाली रकम को अलग-अलग खातों या नकद लेनदेन के जरिए इधर-उधर किया जाता था।

अब जांच का फोकस इस बात पर भी है कि सातों संदिग्ध तस्करों के बीच आपसी संपर्क किस स्तर पर था। यदि इन सभी का एक ही नेटवर्क से संबंध पाया जाता है तो पुलिस बड़े गिरोह का खुलासा कर सकती है।

पुलिस ने मनीष की निशानदेही पर जिन जगहों पर छापेमारी की है, वहां से मिले सुरागों की भी जांच की जा रही है। यदि किसी स्थान से दस्तावेज, मोबाइल, नकदी या मादक पदार्थ बरामद होते हैं तो उन्हें भी केस से जोड़ा जाएगा।

इस पूरे मामले में तकनीकी जांच की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मोबाइल नंबरों से लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल चैट की जानकारी मिलने पर आरोपियों के बीच संबंधों की कड़ी स्पष्ट हो सकती है।

मादक पदार्थों की तस्करी में अक्सर सप्लायर, कैरियर, स्थानीय वितरक और छोटे स्तर के विक्रेता अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनीष राज इस नेटवर्क में किस स्तर पर सक्रिय था और सात अन्य संदिग्धों की भूमिका क्या थी।

नेपाल कनेक्शन सामने आने के बाद सीमावर्ती जिलों की पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ भी जानकारी साझा की जा सकती है। इससे अंतरजिला और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस केस को केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को तोड़ने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

आने वाले दिनों में पुलिस संदिग्धों के बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच कर सकती है। यदि यह साबित होता है कि अवैध मादक पदार्थ कारोबार से बड़ी रकम अर्जित की गई है तो वित्तीय कार्रवाई भी हो सकती है।

फिलहाल सात बड़े तस्करों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मोबाइल लोकेशन के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

मनीष राज से मिली जानकारी ने पुलिस को नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने का रास्ता दिखाया है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि नेपाल से जुड़े इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

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