
रोहतास। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमुहार में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और स्थानीय अवसरों को सरकार की बड़ी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बिहार बनाना है, जहां युवाओं को नौकरी, रोजगार या मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
युवा संवाद में बड़ी संख्या में युवाओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक ऐसी स्थिति बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें बिहार के लोगों को आजीविका के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम हो। उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास की गति तेज करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा और मेहनत की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अपने राज्य में पर्याप्त अवसर मिलें। सरकार इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए रोजगार, उद्योग, शिक्षा, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से बिहार के बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में देश के अलग-अलग राज्यों में जाते रहे हैं। कई लोग निर्माण, उद्योग, सेवा क्षेत्र और दूसरे कामों में मजदूरी के लिए भी राज्य से बाहर जाते हैं। सरकार इस स्थिति को बदलना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल सरकारी नौकरियों के भरोसे सभी युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा सकता। इसलिए निजी निवेश, स्वरोजगार, छोटे और मध्यम उद्योग, स्थानीय उद्यम और कौशल आधारित रोजगार को भी बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि युवाओं को उनके अपने जिलों और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के विकल्प मिल सकें। इसके लिए नई परियोजनाओं, उद्योगों और निवेश से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। यदि युवाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन मिलें तो राज्य तेजी से आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने युवाओं को कौशल विकास पर भी ध्यान देने की सलाह दी। मुख्यमंत्री का कहना था कि बदलते समय में रोजगार के अवसर भी बदल रहे हैं। ऐसे में केवल पारंपरिक पढ़ाई ही नहीं, बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक कौशल भी जरूरी हैं।
सरकार का फोकस ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर है, जो युवाओं को उद्योगों और बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर सकें। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और राज्य के भीतर ही कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। सड़क, बिजली, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार का सीधा असर निवेश और रोजगार पर पड़ता है। सरकार इन क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार जरूरी है। यदि रोजगार केवल बड़े शहरों तक सीमित रहेगा तो ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को फिर भी पलायन करना पड़ेगा। इसलिए विकास को जिला और स्थानीय स्तर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सम्राट चौधरी ने इस दौरान कार्यकर्ताओं से भी कहा कि वे सरकार की योजनाओं और रोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाएं। कई बार योजनाएं उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में लोग उनका लाभ नहीं उठा पाते।
उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा केवल नौकरी मांगने वाले न रहें, बल्कि अपने उद्यम के जरिए दूसरों को भी रोजगार देने की क्षमता विकसित करें।
युवा संवाद कार्यक्रम में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया। नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल, तकनीकी और पेशेवर शिक्षा के विस्तार से भी स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में नए संस्थान, अस्पताल, उद्योग और सेवा केंद्र खुलने से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पैदा होते हैं। इसलिए विकास की हर परियोजना को रोजगार से जोड़कर देखने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 के लक्ष्य को सरकार की दीर्घकालिक सोच से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल घोषणा भर नहीं है, बल्कि इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। हालांकि इसे हासिल करने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और समाज सभी की भागीदारी जरूरी होगी।
उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच और राज्य के विकास में भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि बिहार बदल रहा है और आने वाले वर्षों में रोजगार के अवसरों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
युवा संवाद के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश यही रहा कि बिहार को ऐसा राज्य बनाया जाए, जहां लोगों को सम्मानजनक रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी न हो। इसके लिए स्थानीय उद्योग, निवेश, कौशल विकास और स्वरोजगार को मजबूत करना जरूरी है।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। सरकार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि 2030 तक के लक्ष्य को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं का पलायन रोकना और बिहार में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना सरकार के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।





