बिहार
जमीन विवाद में खूनी साजिश, 50 हजार की सुपारी देकर मां-भाई की हत्या
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 5:23 PM IST

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बिहार। भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के तेंदुनी गांव में मां-बेटे की सनसनीखेज हत्या के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। जमीन और संपत्ति के विवाद में रिश्तों को शर्मसार करने वाली इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मामले में परिवार के ही एक सदस्य पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, मां और भाई की हत्या कराने के लिए कथित तौर पर 50 हजार रुपये की सुपारी देने की बात सामने आई है। हालांकि, सुपारी की रकम और साजिश में शामिल सभी लोगों की भूमिका की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
जानकारी के मुताबिक, तेंदुनी गांव में मंगलवार, 3 नवंबर की देर रात 55 वर्षीय रमावती कुंअर और उनके छोटे बेटे सुनील कुमार की धारदार हथियार और हथौड़े से हमला कर हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव घर के भीतर मिलने के बाद गांव में सनसनी फैल गई थी। घटना की सूचना मिलने पर जगदीशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद को हत्या की संभावित वजह माना गया।
इस दोहरे हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि संदेह की सुई परिवार के ही सदस्यों की ओर घूम गई। पुलिस ने मृतका के बड़े बेटे दिनेश कुमार और उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दिनेश ने पुलिस को बताया था कि देर रात कई नकाबपोश अपराधी घर में घुसे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि, घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने उसके बयान की भी पड़ताल शुरू की।
बताया जा रहा है कि परिवार में जमीन और संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को हत्याकांड की मुख्य वजह के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि विवाद कब शुरू हुआ, परिवार के किन सदस्यों के बीच मतभेद थे और क्या हत्या से पहले किसी तरह की धमकी या मारपीट की घटना भी हुई थी।
मामले में 50 हजार रुपये की सुपारी दिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि वारदात में परिवार के सदस्य के अलावा कितने अन्य लोग शामिल थे। यदि सुपारी देकर हत्या कराने की बात जांच में प्रमाणित होती है, तो यह घटना पहले से रची गई आपराधिक साजिश का मामला बन सकती है। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित सुपारी किसे दी गई, रकम का भुगतान किस माध्यम से हुआ और वारदात को अंजाम देने वालों के बीच किस तरह संपर्क स्थापित किया गया।
घटना के बाद पुलिस को घर के भीतर खून से सना हथौड़ा मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा घर में खून के निशान साफ किए जाने की आशंका भी जताई गई। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। फॉरेंसिक टीम की सहायता से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए, ताकि हत्या में इस्तेमाल हथियारों और संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मां और बेटे को उस समय निशाना बनाया, जब वे घर में मौजूद थे। दोनों पर धारदार हथियार से हमला किया गया। घटनास्थल की स्थिति से वारदात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की थी।
इस मामले में जगदीशपुर पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जांच की निगरानी की। जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रवि कुमार के स्तर पर मामले की पड़ताल की गई। जांच के दौरान पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, संदिग्धों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या बाहरी अपराधियों की कहानी जांच को भटकाने के लिए सामने रखी गई थी।
स्थानीय लोगों के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद चौंकाने वाली रही, क्योंकि हत्या किसी सुनसान स्थान पर नहीं, बल्कि घर के भीतर हुई थी। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से गांव में मातम का माहौल बन गया। घटना सामने आने के बाद आसपास के लोगों में भय और आक्रोश देखा गया। ग्रामीण इस बात से स्तब्ध थे कि घरेलू संपत्ति विवाद इतना गंभीर रूप ले सकता है।
इस हत्याकांड ने परिवारों में संपत्ति बंटवारे को लेकर बढ़ते विवादों और उनके संभावित आपराधिक परिणामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन के स्वामित्व और हिस्सेदारी को लेकर होने वाले मतभेद कई बार लंबे समय तक बने रहते हैं। ऐसे मामलों में यदि समय रहते कानूनी समाधान नहीं निकाला जाए, तो तनाव बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, इस मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
फिलहाल तेंदुनी गांव का दोहरा हत्याकांड भोजपुर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस के सामने अब कथित सुपारी की रकम, हत्या की साजिश, आरोपियों की वास्तविक भूमिका और उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ने की चुनौती है। मामले में आगे होने वाली गिरफ्तारियों, बरामदगी और आधिकारिक खुलासे से पूरी वारदात की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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