
राज्य ब्यूरो, पटना। छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने जांच तेज कर दी है। पार्टी ने पूरे मामले की पड़ताल के लिए एक तथ्य-खोज समिति (फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी) का गठन किया है। कांग्रेस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
कांग्रेस एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने रविवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। इस दौरान मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी मौजूद रहे। कन्हैया कुमार ने कहा कि छात्र आंदोलन से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है और समिति सभी पक्षों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि फैक्ट-फाइंडिंग समिति पटना सहित कई जिलों में जाकर छात्रों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और पत्रकारों से मुलाकात कर रही है। समिति की ओर से घटनाओं से जुड़े दस्तावेज, बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इन सभी तथ्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपा जाएगा।
कन्हैया कुमार ने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है तो कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। जरूरत पड़ने पर मामला हाईकोर्ट या अन्य कानूनी मंचों तक भी ले जाया जाएगा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। लेकिन इस दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
उन्होंने बताया कि समिति यह भी जांच कर रही है कि 22 और 25 जुलाई को हुए घटनाक्रम के दौरान कितने छात्रों को हिरासत में लिया गया, कितनों की गिरफ्तारी हुई और क्या पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के अनुसार अपनाई गई। कन्हैया कुमार ने कहा कि अगर सरकार ने मुकदमे वापस लेने की बात कही है तो केवल केस खत्म करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि छात्रों पर कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार था।
मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि जांच का दायरा केवल पटना तक सीमित नहीं है। समिति जहानाबाद, सिवान, गया और अन्य जिलों में हुई घटनाओं की भी जानकारी जुटा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्रों को लंबे समय तक हिरासत में रखा गया और कुछ मामलों में नाबालिग छात्रों तथा छात्राओं के साथ भी उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
जयवर्धन सिंह ने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी है, उन्हें न्याय मिलना जरूरी है। समिति का उद्देश्य केवल आरोप लगाना नहीं बल्कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाना है।
कांग्रेस की इस पहल को छात्र आंदोलन के मुद्दे पर पार्टी की सक्रिय रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।
फिलहाल तथ्य-खोज समिति अपनी जांच में जुटी हुई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद कांग्रेस आगे की रणनीति तय करेगी। अब नजर इस बात पर है कि समिति की रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर पार्टी कौन से कदम उठाती है।





