बिहार

जुलूस के दौरान झड़प: सीतामढ़ी में मामूली बात पर भिड़े दो पक्ष, पथराव

Saba Naaz
27 Jun 2026 2:35 PM IST
जुलूस के दौरान झड़प: सीतामढ़ी में मामूली बात पर भिड़े दो पक्ष, पथराव
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सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ मुहर्रम के पवित्र अवसर पर निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले। इस हिंसक टकराव में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

ताजिया आगे बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना परिहार प्रखंड के जगदर गांव स्थित रैन के समीप घटी। बताया जा रहा है कि महुआवा और महादेवपट्टी गांव के ग्रामीण अपने-अपने गांवों से पारंपरिक ताजिया जुलूस लेकर निकले थे। जब दोनों गांवों का जुलूस जगदर गांव के पास रैन पर पहुंचा, तो ताजिया को आगे बढ़ाने की होड़ मच गई।

शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी और नोकझोंक हुई। लेकिन कुछ ही पलों में इस मामूली बात ने एक बड़ा और उग्र रूप धारण कर लिया। दोनों गांवों के लोग आमने-सामने आ गए और उनके बीच हिंसक मारपीट शुरू हो गई।

आधे घंटे तक चला लाठी-डंडों का तांडव, मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना स्थल पर करीब आधे घंटे तक भारी बवाल देखने को मिला। दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी और डंडों से हमला कर रहे थे। स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखे और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस मारपीट में कई युवकों और ग्रामीणों को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। हालांकि, घायलों की कुल सटीक संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर अभी तक प्रशासनिक तौर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी पर उठे सवाल

इस संवेदनशील घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि त्योहार के मद्देनजर जिस प्रकार की चौकसी और पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए थी, वैसी ग्राउंड पर नजर नहीं आई। स्थानीय निवासियों का कहना है: "जब विवाद शुरू हुआ और भीड़ उग्र हुई, तब मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। अगर पुलिस समय रहते मुस्तैद होती, तो शायद इस हिंसक झड़प को टाला जा सकता था और लोगों को घायल होने से बचाया जा सकता था।"

प्रशासनिक रुख और शांति की अपील

इस हिंसक झड़प के बाद जगदर गांव और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति काफी तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। फिलहाल, पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई भी आधिकारिक बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है। पुलिस घटना के मुख्य कारणों और उपद्रवियों की पहचान करने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। इलाके में दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और पुलिस बल गश्त कर रहा है। स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी दोनों पक्षों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।

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