बिहार

बड़ा लोन घोटाला: गया जी में फर्जी कागजातों के सहारे निकाला 3.80 करोड़ का लोन

Saba Naaz
27 Jun 2026 2:26 PM IST
बड़ा लोन घोटाला: गया जी में फर्जी कागजातों के सहारे निकाला 3.80 करोड़ का लोन
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गया जी: बिहार के गया जी शहर से बैंकिंग क्षेत्र में एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ जीबी रोड स्थित जिला स्कूल के पूर्वी गेट के पास संचालित कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा से फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर करीब 3.80 करोड़ रुपये का वाहन लोन (Vehicle Loan) डकारने का खेल खेला गया है। इस महाघोटाले का खुलासा होने के बाद बैंक के सहायक प्रबंधक कुमार दीपेश की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में बैंक के दो कार्यरत अधिकारियों सहित कुल 28 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।

आंतरिक ऑडिट और जांच में खुली पोल

बैंक में चल रहे इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब बैंक की आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) और कुछ संदिग्ध लोन खातों का गहन सत्यापन किया गया। जांच के दौरान बैंक प्रबंधन ने पाया कि लोन लेने के लिए जमा की गई फाइलों में वाहनों के इंजन नंबर, चेसिस नंबर, वाहन के स्वामित्व (Ownership) के विवरण और साइलेंसर विवरणों में गंभीर विसंगतियां और विरूपण थे। आरोपियों ने जानबूझकर और सोची-समझी साजिश के तहत जाली, मनगढ़ंत और हेरफेर किए गए वाहन पहचान दस्तावेज प्रस्तुत कर बैंक से कुल 3 करोड़ 80 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया था।

बैंक अधिकारियों की मिलीभगत और भूमिका पर सवाल

इस पूरे घोटाले में बैंक के अंदरूनी अधिकारियों की संलिप्तता भी खुलकर सामने आई है। मामले में बैंक के आरएएसए (RASA) सेल्स डिवीजन के रिलेशनशिप मैनेजर वारिस आजम और टीम सेल्स मैनेजर रोहित राज को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, वाहन लोन की समूची प्रक्रिया के दौरान इन दोनों अधिकारियों की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई है और ऋण नियमों की अनदेखी करने के आरोपों में पुलिस इनकी गहनता से जांच कर रही है।

28 लोगों पर प्राथमिकी; गया से लेकर पटना तक जुड़े तार

सहायक प्रबंधक के बयान पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दो बैंक अधिकारियों के अलावा गया जी शहर, इसके आसपास के क्षेत्रों और पटना के एक निवासी सहित कुल 26 अन्य लोन धारकों पर केस दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में रजनीकांत, गंगेश्वर पासवान, विजय कुमार यादव, इशादुल हक, एमडी अरशद, जहादा खातुन, अयान खान, रॉनी, अलीशा नाज, मोहम्मद शाहबाज, कमरू निशा, राजेश सिंह, साजिद आलम, फरहान बानो, बिट्टू कुमार, रिमझिम कुमारी, विक्की शर्मा, खुशबु कुमारी, एमडी सरफराज आलम, एमडी गुड्डू, सलमा खातून, शाकिर अनवर, मोहम्मद राजा, नजमा खातून और पटना जिले के अनूप कुमार सिन्हा व अशोक कुमार सिन्हा शामिल हैं।

पुलिस की कार्रवाई और छानबीन शुरू

सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद तेजी से तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अब लोन से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों के विवरण और जमा किए गए दस्तावेजों की प्रामाणिकता की कड़ाई से पड़ताल कर रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया शुरुआती चरण में है, इसलिए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच के बाद ही आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से स्थानीय बैंकिंग क्षेत्र और व्यवसायियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

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