
Bihar बिहार: भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। घटना को लेकर उठ रहे सवाल अब राजनीतिक रंग लेते दिखाई दे रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव और चर्चा दोनों बढ़ गए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नेताओं का लगातार मृतक के गांव बिलौटी पहुंचना जारी है।
गांव में शुक्रवार और शनिवार के बीच कई प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने से माहौल पूरी तरह राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। लोग परिवार से मुलाकात कर घटना की परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर जानकारी ले रहे हैं।
इस बीच भरत तिवारी के परिवार ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर गंभीर आरोप लगाकर मामले को नया मोड़ दे दिया है। परिवार का कहना है कि उन्हें जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है और पुलिस की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
शनिवार को इस मामले में और अधिक राजनीतिक हलचल देखने को मिलने की संभावना है, क्योंकि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के बिलौटी गांव पहुंचने का कार्यक्रम तय है।
परिवार के अनुसार, इन नेताओं के आगमन से मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी की जा रही है, जिससे जांच पर दबाव बढ़ सकता है।
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने आरोप लगाया है कि परिवार को पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जब पुलिस अधीक्षक खुद परिवार को धमकी दे रहे हों, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना मुश्किल है।
चंदन तिवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसपी ने उन्हें चेतावनी दी थी कि “यह सब बंद करो, नहीं तो भाई जैसा अंजाम होगा।” इस बयान के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
वहीं मृतक की मां आशा देवी ने भी पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद जिस तरह से पुलिस का रवैया रहा है, उससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम हो गई है।
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। विपक्षी दलों ने भी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में लगातार राजनीतिक नेताओं की आवाजाही और बयानबाजी के कारण माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े और सच्चाई सामने आए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच नियमों के अनुसार की जा रही है।
कुल मिलाकर, भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अब केवल एक पुलिस कार्रवाई का मामला न रहकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें आगे और भी नए मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।





