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नेपाली बहुओं की नागरिकता प्रक्रिया बदली, शादी के 7 साल बाद ही कर सकेंगी आवेदन

nidhi
25 July 2026 9:44 AM IST
नेपाली बहुओं की नागरिकता प्रक्रिया बदली, शादी के 7 साल बाद ही कर सकेंगी आवेदन
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नेपाली बहुओं के लिए नागरिकता नियम सख्त, 7 साल शादी और मैरिज सर्टिफिकेट के बाद ही भारतीय नागरिकता संभव
नई दिल्ली: नेपाल से शादी करके भारत आने वाली महिलाओं के लिए नागरिकता प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता के लिए भारतीय नागरिक से विवाह के बाद निर्धारित अवधि पूरी करने और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें विवाह प्रमाण पत्र और वैवाहिक संबंध की पुष्टि जैसे दस्तावेज महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
भारत की नागरिकता प्रक्रिया नागरिकता अधिनियम, 1955 और उससे जुड़े नियमों के तहत संचालित होती है। किसी विदेशी महिला को भारतीय नागरिकता पाने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है।
7 साल की शादी के बाद नागरिकता का दावा
बताया जा रहा है कि नेपाली बहुओं के मामले में भारतीय नागरिकता के लिए सात साल के वैवाहिक संबंध को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। यानी भारतीय नागरिक से शादी के बाद लंबे समय तक भारत में रहने और नियमों को पूरा करने के बाद ही नागरिकता के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
हालांकि, नागरिकता मिलने की प्रक्रिया केवल शादी की अवधि पर निर्भर नहीं होती, बल्कि आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और गृह मंत्रालय की मंजूरी जैसी प्रक्रियाएं भी जरूरी होती हैं।
मैरिज सर्टिफिकेट होगा जरूरी दस्तावेज
नागरिकता आवेदन के दौरान विवाह की वैधता साबित करने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट एक अहम दस्तावेज माना जाता है। इसके अलावा आवेदक को पहचान, निवास और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने पड़ सकते हैं।
आम तौर पर ऐसे मामलों में जरूरी दस्तावेजों में शामिल हो सकते हैं—
विवाह प्रमाण पत्र।
भारतीय पति की नागरिकता का प्रमाण।
आवेदक के पहचान संबंधी दस्तावेज।
विदेशी नागरिकता से जुड़े दस्तावेज।
अन्य निर्धारित प्रमाण पत्र।
भारत-नेपाल के रिश्तों पर असर
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच बड़ी संख्या में वैवाहिक रिश्ते भी हैं। ऐसे में नागरिकता से जुड़े नियमों का सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्रों और दोनों देशों के परिवारों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकता नियमों का उद्देश्य सुरक्षा और कानूनी स्पष्टता बनाए रखना है, ताकि नागरिकता प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
आवेदन के लिए जरूरी प्रक्रिया
नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदक को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसमें—
आवेदन जमा करना।
दस्तावेजों की जांच।
संबंधित विभागों से सत्यापन।
कानूनी शर्तों को पूरा करना।
शामिल होता है।
नियमों को लेकर लोगों में चर्चा
नए प्रावधानों को लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों में चर्चा बढ़ गई है। कई लोग इसे नागरिकता प्रक्रिया को व्यवस्थित करने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग मानते हैं कि ऐसी प्रक्रियाएं आसान और स्पष्ट होनी चाहिए ताकि वास्तविक जरूरतमंद लोगों को परेशानी न हो।
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