झारखंड

झारखंड शिक्षा विभाग का बड़ा आदेश, प्राथमिक शिक्षकों को ACP और MACP लाभ से किया बाहर

nidhi
25 July 2026 9:36 AM IST
झारखंड शिक्षा विभाग का बड़ा आदेश, प्राथमिक शिक्षकों को ACP और MACP लाभ से किया बाहर
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झारखंड में ACP-MACP लाभ को लेकर नया आदेश जारी
Ranchi: झारखंड के प्राथमिक शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। राज्य के शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शिक्षकों को अब ACP (Assured Career Progression) और MACP (Modified Assured Career Progression) का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग के इस फैसले के बाद शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई है और इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने विरोध की तैयारी शुरू कर दी है।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से वे सेवा अवधि के आधार पर वित्तीय लाभ की मांग कर रहे थे, लेकिन नए आदेश से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है।
शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राथमिक शिक्षकों को ACP और MACP योजना के तहत मिलने वाले लाभ के संबंध में नियमों के अनुसार निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत इन शिक्षकों को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा।
इस आदेश के बाद राज्य के हजारों प्राथमिक शिक्षकों पर इसका असर पड़ने की संभावना है।
क्या है ACP और MACP योजना?
ACP और MACP सरकारी कर्मचारियों को दी जाने वाली वित्तीय उन्नति योजनाएं हैं। इनका उद्देश्य यह है कि जिन कर्मचारियों को लंबे समय तक पदोन्नति नहीं मिल पाती, उन्हें निश्चित अवधि के बाद आर्थिक लाभ दिया जा सके।
इन योजनाओं के तहत कर्मचारियों को—
सेवा अवधि के आधार पर वित्तीय बढ़ोतरी,
वेतन स्तर में सुधार,
पदोन्नति जैसी आर्थिक सुविधाएं
मिल सकती हैं।
शिक्षकों में बढ़ी नाराजगी
शिक्षा विभाग के आदेश के बाद प्राथमिक शिक्षक संगठनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शिक्षकों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सेवा लाभ मिलना चाहिए।
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांगें हैं—
ACP और MACP का लाभ बहाल किया जाए।
सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए वित्तीय लाभ दिया जाए।
आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।
शिक्षकों के साथ समान व्यवहार किया जाए।
वर्षों से लंबित थी मांग
प्राथमिक शिक्षक लंबे समय से विभिन्न वित्तीय लाभों की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि कई शिक्षक वर्षों तक एक ही पद पर कार्य करते हैं, लेकिन पदोन्नति के सीमित अवसर होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उनका तर्क है कि ACP और MACP जैसी योजनाएं ऐसे कर्मचारियों को राहत देने के लिए ही बनाई गई हैं।
विभाग के फैसले पर उठे सवाल
शिक्षक संगठनों ने सवाल उठाया है कि जब अन्य विभागों के कर्मचारियों को सेवा आधारित लाभ दिए जाते हैं, तो प्राथमिक शिक्षकों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि आदेश को वापस लेकर शिक्षकों के हित में निर्णय लिया जाए।
आगे की रणनीति बनाएंगे शिक्षक संगठन
शिक्षक संगठनों ने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को लेकर सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन और कानूनी रास्ते अपनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार का पक्ष
शिक्षा विभाग का कहना है कि आदेश नियमों और मौजूदा प्रावधानों के आधार पर जारी किया गया है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि किसी भी बदलाव के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
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