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बिहार में महिला सुरक्षा पर चिराग पासवान ने उठाए सवाल, कानून-व्यवस्था को लेकर जताई नाराजगी

Kavita2
27 Sept 2026 5:32 PM IST
बिहार में महिला सुरक्षा पर चिराग पासवान ने उठाए सवाल, कानून-व्यवस्था को लेकर जताई नाराजगी
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पटना। बिहार में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हाल में सामने आई आपराधिक घटनाओं को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी कानून-व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। हाल की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का सहयोगी होने के कारण वह भी जवाबदेही से नहीं बच सकते।

बिहार के अलग-अलग जिलों में महिलाओं और लड़कियों के साथ कथित बदसलूकी की घटनाओं और उनसे जुड़े वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। जमुई और समस्तीपुर के मामलों पर चिराग पासवान पहले भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज लोगों में सुरक्षा की भावना को लेकर सवाल पैदा हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार के वह सहयोगी हैं, अगर वह लोगों को सुरक्षा की भावना नहीं दे पाती है तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इन घटनाओं से बिहार की राष्ट्रीय स्तर पर बनने वाली छवि को लेकर भी चिंता जताई।

केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं और बच्चियों में असुरक्षा की भावना पैदा होने का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आना सरकार और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

चिराग पासवान का बयान इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनकी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सत्तारूढ़ NDA की सहयोगी है। ऐसे में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के एक सहयोगी दल के प्रमुख की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।

हाल के दिनों में जमुई में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद समस्तीपुर में भी एक नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया और पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

इन घटनाओं के बाद महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा है। विपक्षी दल भी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। वहीं अब सत्ता पक्ष के सहयोगी चिराग पासवान की प्रतिक्रिया ने इस बहस को नया राजनीतिक आयाम दिया है।

चिराग पासवान ने केवल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तक बात सीमित नहीं रखी है। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनकी भूमिका भी देखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों सामने आ रही हैं।

उन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई। चिराग पासवान के अनुसार जिस क्षेत्र में ऐसी गंभीर घटना होती है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए।

महिला सुरक्षा का मुद्दा अब बिहार की राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक के बाद एक सामने आई कथित घटनाओं ने राजनीतिक दलों को सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाने का मौका दिया है। दूसरी तरफ पुलिस की ओर से संबंधित मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी की गई है।

चिराग पासवान ने कहा कि इन घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार में सहयोगी होने के कारण वह स्वयं भी इस सवाल से नहीं भाग सकते। उनके बयान में सरकार के भीतर से जवाबदेही तय करने की मांग प्रमुख रूप से सामने आई है।

चिराग पासवान ने बिहार की छवि को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बिहार की कैसी तस्वीर जा रही है, यह चिंता का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चियों और महिलाओं के मन में पैदा होने वाले डर का उल्लेख किया।

केंद्रीय मंत्री इससे पहले समस्तीपुर की घटना को लेकर भी मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। उन्होंने घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया था।

लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच प्रशासन की जवाबदेही का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। चिराग पासवान ने कहा है कि अगर किसी क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होती हैं तो वहां कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी की भी समीक्षा होनी चाहिए।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से भी सरकार पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल की घटनाओं के बाद यह मुद्दा केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी नीतियों पर भी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।

चिराग पासवान की प्रतिक्रिया ने इस बहस को इसलिए और महत्वपूर्ण बना दिया है क्योंकि वह केंद्र सरकार में मंत्री होने के साथ बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख सहयोगियों में शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन में होने के बावजूद वह महिला सुरक्षा से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

फिलहाल बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। हाल की घटनाओं में पुलिस की कार्रवाई के साथ अब प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठ रही है।

चिराग पासवान के बयान के बाद यह मुद्दा सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं पर गंभीरता दिखाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।

बिहार में हाल में सामने आई घटनाओं के बाद महिला सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच चिराग पासवान का रुख स्पष्ट है कि इन मामलों को सामान्य घटना मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है। उनके बयान ने राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

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