बिहार

बारिश से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, कॉर्बेट में जंगल सफारी बंद

Kavita2
27 Sept 2026 4:45 PM IST
बारिश से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, कॉर्बेट में जंगल सफारी बंद
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रामनगर। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। खराब मौसम का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ा है। रविवार को सुबह और शाम दोनों पालियों में पर्यटन जोन के गेट बंद रखे गए, जिसके कारण पर्यटक जंगल सफारी के लिए प्रवेश नहीं कर सके।

मानसून के कारण कॉर्बेट पार्क के कई प्रमुख पर्यटन जोन पहले से बंद हैं। ढिकाला, बिजरानी और दुर्गादेवी पर्यटन जोन में इन दिनों जंगल सफारी संचालित नहीं हो रही है। वर्तमान में झिरना, ढेला और गिरिजा पर्यटन जोन ही पर्यटकों के लिए खुले हुए हैं। लेकिन लगातार बारिश के कारण इन जोन में भी सफारी प्रभावित हो गई है।

शनिवार को भी बारिश के चलते जंगल सफारी पर असर पड़ा था। मौसम खराब होने के कारण शनिवार शाम की पाली में सफारी बंद रखी गई। इसके बाद बारिश का सिलसिला जारी रहने से रविवार को स्थिति में सुधार नहीं हुआ और सुबह की पाली में भी पर्यटन जोन के गेट नहीं खोले गए।

रविवार को दिनभर मौसम की स्थिति को देखते हुए शाम की पाली में भी पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया गया। इस तरह लगातार दूसरे दिन कॉर्बेट में जंगल सफारी प्रभावित रही। सफारी की योजना बनाकर पहुंचे पर्यटकों को जंगल में प्रवेश नहीं मिलने के कारण निराश होना पड़ा।

बारिश के कारण जंगल के भीतर रास्तों की स्थिति प्रभावित होने की आशंका रहती है। कच्चे रास्तों पर पानी और कीचड़ जमा होने से सफारी वाहनों के संचालन में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा बरसाती नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा भी रहता है। ऐसे में खराब मौसम के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए जंगल सफारी रोकनी पड़ती है।

दो दिनों की बारिश से कोसी नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। लगातार पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से नदी में पानी बढ़ गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता की जरूरत बढ़ जाती है।

कॉर्बेट पार्क देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी के लिए पहुंचते हैं। मानसून के दौरान पार्क के कुछ पर्यटन जोन नियमित रूप से बंद रहते हैं, जबकि कुछ जोन पर्यटकों के लिए खुले रखे जाते हैं। वर्तमान में झिरना, ढेला और गिरिजा जोन के जरिए पर्यटकों को सफारी की सुविधा मिल रही थी।

लेकिन लगातार बारिश ने इन खुले पर्यटन जोन की गतिविधियों को भी प्रभावित कर दिया है। शनिवार शाम से शुरू हुआ सफारी पर असर रविवार तक जारी रहा। रविवार को सुबह और शाम दोनों पालियों में पर्यटक जंगल के अंदर नहीं जा सके।

पर्यटन जोन के गेट बंद होने से सफारी के लिए पहुंचे पर्यटकों को अपनी योजना बदलनी पड़ी। कई पर्यटक कॉर्बेट में वन्यजीवों को देखने और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करने के लिए सफारी बुक करते हैं। ऐसे में बारिश के कारण गेट बंद होने से उनकी यात्रा प्रभावित हुई।

मानसून के दौरान वन क्षेत्र में बारिश होने से रास्तों की स्थिति तेजी से बदल सकती है। जंगल के अंदर कई स्थानों पर पानी जमा होने के साथ मिट्टी नरम हो जाती है। सफारी वाहनों के फंसने या आवागमन में समस्या होने का खतरा रहता है। यही कारण है कि मौसम खराब होने पर पर्यटन गतिविधियों को रोकना पड़ता है।

बारिश का असर केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहा। क्षेत्र में लगातार दो दिनों से पानी गिरने के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ। लोगों को आवाजाही और दैनिक कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ा। कोसी नदी में बढ़े जलस्तर ने भी मौसम की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाई है।

शनिवार को बारिश के बाद शाम की सफारी बंद होने से ही पर्यटकों को परेशानी शुरू हो गई थी। उम्मीद थी कि रविवार को मौसम में सुधार होने पर जंगल सफारी फिर शुरू हो सकेगी, लेकिन बारिश जारी रहने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। रविवार सुबह गेट बंद रहे और बाद में शाम की पाली में भी सफारी नहीं हो सकी।

कॉर्बेट के ढिकाला, बिजरानी और दुर्गादेवी पर्यटन जोन मानसून के कारण पहले से ही पर्यटकों के लिए बंद हैं। इसलिए इन दिनों पर्यटन का दबाव झिरना, ढेला और गिरिजा जोन पर रहता है। ऐसे में इन तीनों जोन में भी सफारी प्रभावित होने से पर्यटकों के पास जंगल भ्रमण का विकल्प सीमित हो गया।

बारिश के दौरान जंगल क्षेत्र में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। मौसम ठीक रहने और रास्तों की स्थिति सुरक्षित होने पर ही सफारी वाहनों को प्रवेश दिया जाता है। लगातार बारिश होने पर वन क्षेत्र के रास्तों की स्थिति की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।

कोसी नदी का बढ़ता जलस्तर भी लगातार बारिश का असर दिखा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बारिश का पानी नदी तक पहुंचने के कारण जलस्तर तेजी से बदल सकता है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों और आने-जाने वालों के लिए सावधानी जरूरी हो जाती है।

लगातार बारिश ने स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की परेशानी भी बढ़ा दी है। जंगल सफारी बंद होने से पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। सफारी के लिए पहुंचे लोगों को अब मौसम में सुधार का इंतजार करना होगा।

फिलहाल कॉर्बेट पार्क में मानसून के कारण ढिकाला, बिजरानी और दुर्गादेवी पर्यटन जोन बंद हैं, जबकि झिरना, ढेला और गिरिजा जोन खुले होने के बावजूद बारिश के कारण सफारी प्रभावित हुई है। शनिवार शाम की पाली के बाद रविवार को सुबह और शाम दोनों पालियों में गेट बंद रहे।

दो दिनों की बारिश से जहां कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, वहीं जंगल के रास्तों की स्थिति भी प्रभावित हुई है। ऐसे में मौसम में सुधार के बाद ही पर्यटन गतिविधियां सामान्य होने की उम्मीद है। तब तक जंगल सफारी के लिए आने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।

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