
Bihar: सारण जिले के सोनपुर नगर परिषद क्षेत्र में 6 जुलाई से जनगणना 2027 के दूसरे चरण की जनसंख्या परिगणना का प्री टेस्ट (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू किया जाएगा। भारत की जनगणना की तैयारियों के तहत यह प्रक्रिया अहम मानी जा रही है, जिसमें वास्तविक जनगणना से पहले पूरी प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्घाटन जनगणना निदेशालय के उप महारजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार ने किया।
उन्होंने बताया कि पहले चरण के बाद अब दूसरे चरण में हर व्यक्ति की गिनती की जाएगी और प्रत्येक परिवार से करीब 40 प्रश्नों के माध्यम से विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। प्री टेस्ट का उद्देश्य यह जांचना है कि फील्ड स्तर पर पूरी प्रक्रिया कितनी प्रभावी और व्यावहारिक है, ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
मृत्युंजय कुमार ने कहा कि बिहार में इस प्री टेस्ट के लिए केवल दो स्थान चुने गए हैं, जिनमें शहरी क्षेत्र के लिए सोनपुर नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र के लिए नवादा जिले का रजौली प्रखंड शामिल है। उन्होंने कहा कि सोनपुर को इस चयन से विशेष महत्व मिला है और यह पहले भी पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा रह चुका है।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि प्री टेस्ट के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और सुझावों को संकलित कर आगे जनगणना निदेशालय को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर पूरे देश में लागू होने वाली जनगणना प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश की सभी विकास योजनाओं का आधार होते हैं, इसलिए इनका सटीक होना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण में शामिल 69 कर्मियों को फील्ड कार्य की पूरी जानकारी दी गई और उन्हें गंभीरता से तैयारी करने के निर्देश दिए गए।





