बिहार
महिला एवं बाल विकास निगम व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में PCPNDT एक्ट पर क्षमता निर्माण सत्र आयोजित
Gulabi Jagat
3 Sept 2025 10:50 PM IST
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लखीसराय । महिला एवं बाल विकास निगम व स्वास्थ्य विभाग लखीसराय के संयुक्त तत्वाधान में संकल्प हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन के सहयोग से 10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत दूसरे दिन पीसीपीएनडीटी एक्ट विषय पर क्षमता निर्माण सत्र का आयोजन उपस्थित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारीयों के बीच किया गया। सर्वप्रथम जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी मिशन शक्ति के बंदना पांडेय,एनसीडीओ डॉ अश्विनी कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांश नारायण,जिला परियोजना प्रबंधक महिला एवं बाल विकास निगम के डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी मिशन शक्ति के बंदना पांडेय ने कहा कि दिन प्रतिदिन बेटियों की संख्या घट रही है।
जिसका कारण जन्म पूर्व लिंग परीक्षण को होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए इसको रोकने के लिए आज का क्षमता निर्माण सत्र का आयोजन स्वास्थ विभाग के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस एक्ट का उल्लंघन करने वालों को सजा और जुर्माने का प्रावधान है, जिससे सामाजिक जागरूकता और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिले। कार्यक्रम के प्रशिक्षक पिरामल संस्थान के गांधी फेलो सुचारीता घोष के द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट का मतलब प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स एक्ट है जिसे हिंदी में गर्भधारण पूर्व व प्रसव पूर्व निदान तकनीक लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम भी कहा जाता है। जिसे 1994 में पारित किया गया था। इसे भारत में लिंग चयन और भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लागू किया गया कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य लिंग निर्धारण परीक्षणों पर प्रतिबंध लगाना और गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड जैसे डायग्नोस्टिक तकनीकों का दुरुपयोग रोकना है। यह एक्ट लिंग अनुपात को संतुलित करने, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने पर केंद्रित है। इसे महाराष्ट्र में सबसे पहले लागू किया गया था जिसे अभी वर्तमान में पूरे भारत में लागू है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांश नारायण ने कहा कि इस कानून को उल्लंघन करने पर आर्थिक जुर्माना, संस्थान का लाइसेंस रद्द से लेकर कारावास तक का प्रावधान है।इसमें गैर-पंजीकृत क्लीनिकों पर रोक, उपकरणों का पंजीकरण और सख्त निगरानी शामिल है। जिला परियोजना प्रबंधक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना एवं मिशन शक्ति के बारे में जानकारी दिए। मौके पर हब के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार , लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी, नवीन कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अमित कुमार, MTS नवीन्द्र दास सहित दर्जनों सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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