बिहार

मधुबनी में नहर का तटबंध टूटा, 500 एकड़ धान की फसल डूबी

Saba Naaz
18 July 2026 7:37 PM IST
मधुबनी में नहर का तटबंध टूटा, 500 एकड़ धान की फसल डूबी
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मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में नहर का तटबंध टूटने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। खजौली प्रखंड क्षेत्र में उग्रनाथ शाखा नहर का पश्चिमी तटबंध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के इलाकों में फैल गया। नहर से निकले पानी ने देखते ही देखते खेतों और रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना से किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं कई गांवों में रहने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम खजौली प्रखंड की कन्हौली पंचायत के वार्ड 13 स्थित सहोरवा गांव के पास उग्रनाथ शाखा नहर का पश्चिमी तटबंध अचानक टूट गया। तटबंध टूटते ही नहर का पानी तेजी से आसपास के क्षेत्रों में फैलने लगा। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ ही समय में बड़ी मात्रा में पानी खेतों में पहुंच गया और धान की फसल पूरी तरह डूब गई।

नहर के पानी से करीब 500 एकड़ में लगी धान की फसल और धान के बीचड़े बर्बाद हो गए हैं। पानी का फैलाव खजौली प्रखंड के अकसपुरा, घुसकीपट्टी समेत राजनगर प्रखंड के पटवारा गांव तक पहुंच गया। खेतों में पानी भर जाने से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

किसानों का कहना है कि उन्होंने धान की खेती में काफी मेहनत और खर्च किया था, लेकिन नहर टूटने के कारण उनकी फसल पानी में डूब गई। कई किसानों की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग और संबंधित संवेदक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय रहते तटबंध की निगरानी और मरम्मत की जाती तो यह स्थिति नहीं बनती।

खेतों में पानी भरने के बाद अब इसका असर गांवों पर भी पड़ने लगा है। गोसाईटोल और सहोरवा गांव के दर्जनों घरों में नहर का पानी प्रवेश कर गया। अचानक घरों में पानी घुसने से लोगों में अफरातफरी मच गई। कई परिवारों को मजबूरी में अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना से क्षेत्र की करीब 7 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों को खाने-पीने, रहने और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद जल संसाधन विभाग हरकत में आया। विभागीय अधिकारियों ने शनिवार दोपहर से ही टूटे हुए तटबंध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। मौके पर विभाग की टीम कैंप कर रही है और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता ब्रजेश कुमार निराला ने बताया कि एसडीओ और अन्य अधिकारियों की निगरानी में तटबंध को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि टूटे हुए हिस्से को जल्द से जल्द बांधने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पानी के बहाव को रोका जा सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।

फिलहाल प्रशासन और विभागीय टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तटबंध की मरम्मत के बाद प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया जाएगा और नुकसान का आकलन किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए नहर तटबंधों की नियमित निगरानी की जाए।

मधुबनी में नहर टूटने की इस घटना ने मानसून के दौरान जल संसाधन विभाग की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कमजोर तटबंधों की पहचान और मरम्मत जरूरी है, ताकि किसानों और ग्रामीणों को हर साल ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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