
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड में तिरहुत-वैशाली नहर का पूर्वी तटबंध टूटने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नहर टूटने के कारण करीब 1450 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित होने का प्रारंभिक आकलन किया गया है। बड़ी मात्रा में पानी खेतों में फैल जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। घटना के बाद कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से नुकसान की जानकारी जुटाई।
जानकारी के अनुसार, साहेबगंज प्रखंड की बिशुनपुर पट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-12 में तिरहुत-वैशाली नहर का करीब 65 फीट हिस्सा टूट गया। तटबंध टूटने के बाद नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में प्रवेश कर गया, जिससे धान की खड़ी फसल जलमग्न हो गई। किसानों का कहना है कि अचानक पानी भरने से फसल को काफी नुकसान पहुंचा है और आगे भी उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
कृषि विभाग की चार सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण
फसल नुकसान की सूचना मिलने के बाद जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग की चार सदस्यीय टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंची। टीम का नेतृत्व अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार ने किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी और किसानों से नुकसान की जानकारी ली।
इस दौरान अंचलाधिकारी पिंकी राय, थानाध्यक्ष सुनील कुमार और पहाड़पुर मनोरथ पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उदय भगत भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर नहर टूटने से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया।
किसानों से मांगे गए फसल क्षति के आवेदन
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने प्रभावित किसानों से फसल क्षति का आवेदन देने की अपील की। उन्होंने बताया कि किसानों से आवेदन मिलने के बाद कृषि समन्वयक और राजस्व कर्मचारी संयुक्त रूप से खेतों का सत्यापन करेंगे।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक किसान के खेत और खराब हुई फसल की तस्वीर भी ली जाएगी। इसके आधार पर किसानवार रिपोर्ट तैयार कर जिला कृषि पदाधिकारी को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे राहत और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
1450 एकड़ फसल नुकसान का प्रारंभिक अनुमान
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में लगभग 1450 एकड़ धान की फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अंतिम आंकड़ा खेतों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
निरीक्षण दल में प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुशील कुमार, कृषि समन्वयक उदय प्रताप गुप्ता और कृषि सलाहकार धनंजय कुमार सिन्हा भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला पदाधिकारी और जिला कृषि पदाधिकारी को भेजी जा रही है।
फोटो और दस्तावेज के आधार पर होगी जांच
कृषि विभाग ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित सभी किसानों की फसल क्षति का सही तरीके से सत्यापन किया जाए। प्रत्येक प्रभावित खेत की फोटो लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि नुकसान का वास्तविक आकलन हो सके।
विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकारी नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन हरसंभव कदम उठाएगा।
किसानों ने जताई चिंता
नहर टूटने से प्रभावित किसानों में चिंता का माहौल है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने में उन्होंने काफी मेहनत और खर्च किया था। अचानक खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो गई है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने प्रशासन से जल्द राहत उपलब्ध कराने और नहर की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
प्रशासन और कृषि विभाग की टीम अब नुकसान के विस्तृत आकलन में जुटी है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।





