बिहार

बेटी की शादी की बचत से खरीद रहे राशन गंगा के कटाव ने छीना आशियाना

nidhi
5 Sept 2026 7:33 AM IST
बेटी की शादी की बचत से खरीद रहे राशन गंगा के कटाव ने छीना आशियाना
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बेटी के ब्याह के पैसे से चल रहा घर

हाजीपुर: बिहार में उफनती गंगा ने राघोपुर के लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। बाढ़ और कटाव की मार झेल रहे कई परिवारों के सामने अब घर बचाने के साथ दो वक्त के भोजन का इंतजाम करना भी चुनौती बन गया है। कई घर पानी से घिरे हैं और जिनका आशियाना रहने लायक नहीं बचा, वे ऊंचे स्थानों और मंदिरों में शरण लेने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों के लिए चूड़ा और मुड़ी जैसे सूखे खाद्य पदार्थ मुश्किल समय का सहारा बने हुए हैं।

राघोपुर में बाढ़ की स्थिति ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। खेत और निचले इलाके पानी में डूबे हैं। सड़क संपर्क प्रभावित होने से लोगों को जरूरी सामान लाने में परेशानी हो रही है। गंगा का पानी बढ़ने के साथ कटाव ने भी नदी किनारे बसे परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
बेटी की शादी के लिए रखे पैसे से खरीद रहे राशन
ग्राउंड रिपोर्ट में बाढ़ पीड़ित परिवारों की आर्थिक बेबसी भी सामने आई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि काम-धंधा ठप होने और घर में रखा राशन खत्म होने के कारण अब बचाकर रखे पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कुछ परिवारों के लिए संकट इतना गंभीर है कि बेटी की शादी के लिए जमा की गई रकम से भी राशन और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। बाढ़ का पानी केवल घरों तक नहीं पहुंचा बल्कि लोगों की महीनों और वर्षों की बचत पर भी असर डाल रहा है। जिन परिवारों की आमदनी खेती और मजदूरी पर निर्भर है, उनके सामने आय का साधन भी फिलहाल प्रभावित है।
आशियाना डूबा तो मंदिर में ली शरण
राघोपुर के बाढ़ प्रभावित हिस्सों में कई लोगों को सुरक्षित और ऊंची जगहों की तलाश करनी पड़ी है। स्थानीय रिपोर्ट में ऐसे परिवारों का जिक्र है जिन्होंने घर जलमग्न होने के बाद मंदिर में शरण ली है। भोजन के नाम पर चूड़ा जैसे सूखे खाद्य पदार्थों के सहारे दिन काटने की स्थिति सामने आई है। पानी के बीच सबसे बड़ी परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। भोजन के साथ साफ पेयजल, दवाइयां और पशुओं के चारे का इंतजाम भी प्रभावित परिवारों की प्रमुख जरूरत बन गया है।
गंगा के कटाव से बढ़ी बेचैनी
बाढ़ के साथ गंगा का कटाव लोगों की चिंता को और बढ़ा रहा है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को डर है कि तेजी से कटती जमीन कहीं उनके घरों और बची हुई संपत्ति को भी अपनी चपेट में न ले ले। पानी कम होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए कटाव एक अलग संकट बना हुआ है। बिहार में गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण कई जिलों को सतर्क किया गया है। आने वाले समय में नदी के जलस्तर में होने वाला बदलाव ही बाढ़ की गंभीरता तय करेगा।
राहत की आस में प्रभावित परिवार
राघोपुर राजनीतिक रूप से भी बेहद चर्चित इलाका है। यह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का निर्वाचन क्षेत्र है। बाढ़ से परेशान ग्रामीण अब राहत और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों में ग्रामीणों ने लंबे समय से बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं होने की शिकायत भी की है। फिलहाल प्रभावित परिवारों के लिए सबसे बड़ी जरूरत भोजन, सुरक्षित ठिकाना और साफ पानी है। जिन घरों में कभी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए पैसे जोड़े जा रहे थे, वहां अब उसी बचत से राशन खरीदने की मजबूरी सामने आ रही है। किसी की थाली चूड़ा-मुड़ी तक सिमट गई है तो कोई अपना घर छोड़कर ऊंची जगह पर रात गुजार रहा है। राघोपुर की तस्वीर बताती है कि बाढ़ केवल घर और खेत नहीं डुबोती, बल्कि परिवारों की बचत और भविष्य की योजनाओं को भी प्रभावित करती है। गंगा के बढ़ते पानी और कटाव के बीच ग्रामीणों की निगाहें अब जलस्तर कम होने और राहत मिलने पर टिकी हैं।
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