
Bihar: बिहार के सारण जिले स्थित मढ़ौरा डीजल रेल इंजन कारखाना एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। शुक्रवार को यहां से अफ्रीकी देश गिनी गणराज्य के लिए 51वां अत्याधुनिक रेल इंजन रवाना किया गया। इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इंजन को रवाना किया।
मढ़ौरा फैक्ट्री की वैश्विक पहचान मजबूत
मढ़ौरा लोकोमोटिव फैक्ट्री से पहला इंजन 20 जून 2025 को निर्यात किया गया था। केवल एक साल में 51 इंजनों का निर्यात होना भारत की तकनीकी क्षमता और उत्पादन दक्षता को दर्शाता है। यह फैक्ट्री भारत सरकार और अमेरिकी कंपनी वेबटेक के संयुक्त उपक्रम के रूप में संचालित होती है।
अफ्रीका की सिमांडू परियोजना में होगा उपयोग
यह 4500 हॉर्सपावर क्षमता वाला आधुनिक इंजन पहले गुजरात के मुंद्रा पोर्ट भेजा जाएगा, जहां से इसे समुद्री मार्ग से गिनी भेजा जाएगा। इन इंजनों का उपयोग गिनी की सिमांडू परियोजना में किया जाएगा, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी लौह अयस्क परियोजनाओं में गिना जाता है।
रेल मंत्री ने जताई खुशी, आंकड़े किए साझा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मढ़ौरा कारखाने से भारतीय रेल को अब तक 825 आधुनिक लोकोमोटिव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस फैक्ट्री से बिहार को 1000 करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
बिहार में बड़े पैमाने पर रेल विकास
उन्होंने बताया कि राज्य में 1.15 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। पिछले 12 वर्षों में 2034 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं और 98 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
लंबित परियोजनाओं को मिली गति
विक्रमशिला-कटारिया गंगा पुल और नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा रेल लाइन जैसी लंबित परियोजनाओं को भी तेजी दी गई है।
कार्यक्रम में बड़ी हस्तियों की मौजूदगी
इस अवसर पर कई सांसद, जनप्रतिनिधि और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। छपरा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को भी इसी दौरे में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।





