
Bihar: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब भोजपुर जिले के शाहपुर अंचल के 9 महत्वपूर्ण मौजों में फोटोग्राफी आधारित निबंधन व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत जमीन की रजिस्ट्री से पहले खरीदार, विक्रेता और निबंधन कर्मी को संबंधित भूखंड पर जाकर फोटो खिंचवानी होगी।
किन इलाकों में लागू हुआ नियम
यह नई व्यवस्था शाहपुर अंचल के करनामेपुर, सहजौली पंचायत के मिश्रवलिया व लिलारी मौजा, बिलौटी, रंदाडीह, सेमरिया, हरिहरपुर और झौवां मौजा में लागू की गई है। इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर होती है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
जमीन पर जाकर होगी फोटो प्रक्रिया
नए नियम के अनुसार रजिस्ट्री से पहले दोनों पक्षों को जमीन के प्लॉट पर जाना अनिवार्य होगा। वहां निबंधन विभाग के अधिकृत कर्मचारी की मौजूदगी में फोटो ली जाएगी। इसके बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शाहपुर नगर पंचायत में यह व्यवस्था पहले से लागू है।
बढ़ते जमीन कारोबार और कीमतें
इस क्षेत्र में जमीन के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। करनामेपुर बाजार दियारा क्षेत्र का बड़ा व्यापारिक केंद्र बन चुका है, जहां जमीन की कीमत 40 से 50 लाख रुपये प्रति कट्ठा तक पहुंच गई है। अन्य इलाकों में भी कीमत 4 से 5 लाख रुपये प्रति कट्ठा या उससे अधिक है।
धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से फर्जी दस्तावेज और विवादित जमीन की बिक्री पर रोक लगेगी। इससे जमीन की पहचान स्पष्ट होगी और खरीदारों को अधिक सुरक्षा मिलेगी। बिचौलियों की भूमिका भी कम होने की उम्मीद है।
स्थानीय बाजारों में बढ़ा कारोबार
झौवां मौजा के आसपास बेलवनिया और बरजा मोड़ जैसे इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे जमीन की खरीद-बिक्री में तेजी आई है। नए नियम से पारदर्शिता और बढ़ने की उम्मीद है।





