
Bihar:बिहार में 1852 करोड़ की जालालगढ़–किशनगंज रेल लाइन को नई रफ्तार, 17 साल बाद परियोजना फिर चर्चा में
1. परियोजना को फिर मिली गति
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में 17 साल से अटकी जालालगढ़–किशनगंज नई रेल लाइन परियोजना को अब दोबारा गति मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
2. 2008-09 में मिली थी मंजूरी
इस परियोजना को वर्ष 2008-09 में मंजूरी दी गई थी। उस समय तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने इसका शिलान्यास किया था।
3. लागत में भारी बढ़ोतरी
शुरुआती अनुमान में इसकी लागत करीब 360 करोड़ रुपये थी, जो भूमि अधिग्रहण और निर्माण खर्च बढ़ने से अब लगभग 1852 करोड़ रुपये हो गई है।
4. 51 किलोमीटर लंबी रेल लाइन
प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई 51.632 किलोमीटर होगी, जो जालालगढ़ से किशनगंज तक बनेगी और कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
5. आठ नए स्टेशन बनेंगे
इस रेल मार्ग पर अमौर, बैसा, रौटा, खाताहाट, महीनगांव और दौला जैसे क्षेत्रों में कुल आठ नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे।
6. यात्रियों को मिलेगा लाभ
नई रेल लाइन बनने से स्थानीय यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और यात्रा समय में भी कमी आने की उम्मीद है।
7. वैकल्पिक रेल मार्ग तैयार होगा
यह लाइन न्यू जलपाईगुड़ी से कटिहार के बीच एक वैकल्पिक और छोटा मार्ग उपलब्ध कराएगी, जिससे ट्रेनों का दबाव कम होगा।
8. सुरक्षा के लिहाज से अहम
यह परियोजना सिलीगुड़ी कॉरिडोर के समानांतर वैकल्पिक रेल संपर्क देगी, जो रणनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
9. किसानों और व्यापार को फायदा
इस रेल लाइन से किसानों को अपनी फसलें बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी और व्यापारिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होगी।





