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Bihar : प्रशांत किशोर का नामांकन दाखिल, हलफनामे में 198 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

Kavita2
14 July 2026 11:43 AM IST
Bihar : प्रशांत किशोर का नामांकन दाखिल, हलफनामे में 198 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
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पटना : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। यह प्रशांत किशोर का पहला चुनावी मुकाबला होगा। नामांकन के साथ जमा किए गए चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी और पत्नी डॉ. जाह्नवी दास की कुल पारिवारिक संपत्ति 198 करोड़ रुपये से अधिक बताई है।

प्रशांत किशोर ने 30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग को अपनी संपत्ति, आय और अन्य जानकारियों से जुड़ा हलफनामा भी सौंपा।

चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास कुल मिलाकर 198 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति है। हलफनामे में प्रशांत किशोर ने 111.78 करोड़ रुपये की पारिवारिक विरासत संपत्ति और करीब 86.29 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का विवरण दिया है।

हलफनामे में बताई गई संपत्तियों में बैंक जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, व्यावसायिक निवेश और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा प्रशांत किशोर ने एक राइस मिल और 475 ग्राम सोने का भी उल्लेख किया है।

राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पहली बार सीधे चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पहले जन सुराज अभियान को राजनीतिक दल का रूप दिया था और बिहार की राजनीति में नई वैकल्पिक ताकत के रूप में पार्टी को स्थापित करने का दावा किया है।

बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस चुनाव के जरिए जन सुराज पार्टी अपनी चुनावी क्षमता और जमीनी पकड़ को परखना चाहती है।

नामांकन दाखिल करने के बाद प्रशांत किशोर ने चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों और पार्टी की रणनीति पर भी बात की। उन्होंने लगातार यह दावा किया है कि बिहार में पारंपरिक राजनीति से अलग एक नई व्यवस्था की जरूरत है और जन सुराज इसी उद्देश्य के साथ चुनाव में उतर रही है।

प्रशांत किशोर देश में कई बड़े राजनीतिक दलों और नेताओं के चुनावी अभियानों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों में चुनावी रणनीति बनाने का काम किया है। हालांकि, अब वह खुद चुनावी राजनीति में उतरकर अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

हलफनामे में संपत्ति का बड़ा आंकड़ा सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है। चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को अपनी संपत्ति और वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है, ताकि मतदाता उम्मीदवार की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी हासिल कर सकें।

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र पटना शहर की महत्वपूर्ण सीटों में से एक है। यहां चुनावी मुकाबला हमेशा चर्चा में रहता है। प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से इस सीट पर राजनीतिक समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।

जन सुराज पार्टी का कहना है कि वह बिहार में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और बेहतर प्रशासन जैसे मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने दावा किया है कि वह राज्य की राजनीति में नए विकल्प के रूप में उभरना चाहती है।

वहीं, राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत किशोर के लिए चुनावी राजनीति में प्रवेश एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि रणनीति बनाने और चुनाव लड़ने में काफी अंतर होता है। अब यह चुनाव बताएगा कि उनकी राजनीतिक रणनीति मतदाताओं के बीच कितनी प्रभावी साबित होती है।

फिलहाल प्रशांत किशोर के नामांकन और हलफनामे में घोषित संपत्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में बांकीपुर उपचुनाव में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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