बिहार

Bihar : पटना-नेपाल नशीली सूई तस्करी का भंडाफोड़

Kavita2
12 July 2026 10:16 AM IST
Bihar : पटना-नेपाल नशीली सूई तस्करी का भंडाफोड़
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पटना : बिहार की राजधानी पटना से नेपाल तक प्रतिबंधित नशीली दवाओं और इंजेक्शन की तस्करी का बड़ा नेटवर्क संचालित होने का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नेपाल से जुड़े तस्कर पटना से प्रतिबंधित नशीली सूई (इंजेक्शन) की खेप लेकर सीमा पार पहुंचाने का काम कर रहे थे। पिछले महीने सदर थाना पुलिस द्वारा चार तस्करों की गिरफ्तारी के बाद इस अवैध कारोबार के कई अहम पहलुओं का खुलासा हुआ है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, पिछले महीने सदर थाना क्षेत्र में न्यू फोरलेन स्थित मधुबनी मादापुर चौबे के समीप नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने एक चारपहिया वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली सूई (इंजेक्शन) बरामद हुई। इसके बाद वाहन में सवार चार लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार सभी आरोपी पटना से नशीली सूई की खेप लेकर नेपाल जा रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिसके आधार पर पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद इंजेक्शन प्रतिबंधित श्रेणी के हैं और इनका अवैध रूप से नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे इंजेक्शन युवाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं। इनके दुरुपयोग से गंभीर शारीरिक और मानसिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यही कारण है कि इनके अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जाती है।

जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित इंजेक्शन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप पटना में कहां से लाई गई थी और इसे नेपाल में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही वित्तीय लेनदेन और संपर्क सूत्रों की भी पड़ताल की जा रही है ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों से जुड़े हुए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिहार-नेपाल सीमा लंबे समय से तस्करी के लिए संवेदनशील मानी जाती रही है। सीमा के दोनों ओर लोगों की आवाजाही और भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर तस्कर कई बार अवैध सामान की तस्करी करने का प्रयास करते हैं। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

इस मामले में पुलिस ने संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधित नशीली दवाओं और इंजेक्शन का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे पदार्थों का दुरुपयोग नशे की लत को बढ़ावा देता है और युवाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए इस प्रकार की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण और सख्त कार्रवाई बेहद आवश्यक है।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास प्रतिबंधित दवाओं या नशीले इंजेक्शनों की अवैध बिक्री या तस्करी की कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

फिलहाल सदर थाना पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिहार से नेपाल तक संचालित इस अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला का खुलासा करने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

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