
बिहार | बिहार में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर सियासी तापमान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक स्थानीय नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जोरदार विरोध जताते हुए पटना की सड़कों पर पोस्टर लगा दिए। इन पोस्टरों में नीतीश कुमार पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने "इफ्तार देकर मुस्लिम समुदाय को ठग लिया।"
पोस्टर में नीतीश कुमार की तस्वीर के साथ लिखा है—"वोट लिया, विश्वास तोड़ा... इफ्तार देकर ठग लिया।" यह पोस्टर लालू यादव की पार्टी RJD के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता गुलाम सरवर द्वारा लगाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर वक्फ संशोधन विधेयक को पास करवा कर मुस्लिमों की धार्मिक संपत्तियों पर हमला किया है।
वक्फ संशोधन विधेयक के तहत अब वक्फ संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन में सरकार की भूमिका और अधिक मजबूत हो गई है। बिल में वक्फ बोर्ड के गठन, अधिकार और जवाबदेही को पुनः परिभाषित किया गया है। आलोचकों का मानना है कि इससे समुदाय की संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ेगा और यह संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन करता है।
विपक्ष की नाराजगी
RJD के अलावा AIMIM और कांग्रेस जैसे दलों ने भी इस बिल पर नाराजगी जताई है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। वहीं आरजेडी नेता ने कहा कि वे आने वाले रमजान में नीतीश के किसी भी इफ्तार में शामिल नहीं होंगे और मुस्लिम समाज से भी इफ्तार का बहिष्कार करने की अपील की है।
जेडीयू का जवाब
वहीं, जदयू नेताओं ने इस विरोध को "राजनीतिक स्टंट" बताया है। जदयू प्रवक्ताओं का कहना है कि वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए यह संशोधन जरूरी था। सरकार किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है।
इस विवाद ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, खासकर ऐसे समय में जब 2025 के चुनावी समीकरण बनने शुरू हो चुके हैं।





