
पटना | पटना में स्थित पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय शुक्रवार को उस समय चर्चा में आ गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ने विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचकर कुलसचिव के कार्यालय में हंगामा कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एमएलसी ने कुलसचिव से तीखी बहस करते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। उनका आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके द्वारा की गई एक सिफारिश को नजरअंदाज कर दिया है, जिससे वे नाराज़ हो गए।
विश्वविद्यालय सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी जनप्रतिनिधि ने प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप किया हो। कुलसचिव ने मामले को लेकर राज्यपाल सचिवालय और उच्च शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
घटना के बाद कर्मचारियों में भय और नाराजगी का माहौल देखा गया। विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और कर्मचारी संगठन इस मामले को लेकर गंभीर हैं और मांग कर रहे हैं कि विश्वविद्यालय परिसर को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर क्या कदम उठाता है और क्या राजनीतिक हस्तक्षेप पर कोई कार्रवाई होती है।





