
पटना : बिहार में मानसून ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर शुरू होने से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार के लिए राज्य के 32 जिलों के 383 प्रखंडों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।
राजधानी पटना में शनिवार तड़के से ही झमाझम बारिश हो रही है। लगातार हो रही वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और शहर का मौसम काफी सुहावना हो गया है। सुबह के समय कई इलाकों में सड़कें भीग गईं, जिससे यातायात की रफ्तार कुछ स्थानों पर धीमी रही। हालांकि, लोगों ने लंबे समय बाद हुई अच्छी बारिश का स्वागत किया।
उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार दोपहर से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और अलग-अलग समय पर कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होती रही। जिले में ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) की सीमा से लगे इलाकों में गुरुवार को भी अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे कृषि कार्यों को गति मिली है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश धान की खेती के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर इससे अधिक तीव्र मौसम की स्थिति भी बन सकती है। विभाग ने विशेष रूप से खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी बिहार की ओर पहुंच रही है। इसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
बारिश का सबसे अधिक सकारात्मक असर कृषि क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। पर्याप्त वर्षा होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आई है। जिन क्षेत्रों में अब तक बारिश कम होने के कारण किसान चिंतित थे, वहां अब खेतों में पानी पहुंचने से कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह संतुलित वर्षा होती रही तो धान की फसल को अच्छा लाभ मिलेगा। साथ ही मिट्टी में पर्याप्त नमी रहने से अन्य फसलों की बुआई भी समय पर पूरी की जा सकेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बारिश का भरपूर लाभ उठाते हुए खेतों में काम कर रहे हैं।
हालांकि बारिश राहत लेकर आई है, लेकिन मौसम विभाग ने संभावित आपदाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोग खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों से भी अपील की गई है कि तेज गर्जन और बिजली चमकने के समय खेतों में काम न करें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
प्रशासन को भी मौसम विभाग की ओर से अलर्ट भेजा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा सकें। जिला प्रशासनों को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और लोगों को समय-समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से जहां एक ओर जलाशयों और नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए स्थानीय निकायों को जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से संबंधित आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें और अनावश्यक रूप से खराब मौसम में यात्रा करने से बचें। यदि अत्यधिक वर्षा या तेज आंधी की स्थिति बनती है तो सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल पूरे बिहार में मानसून की सक्रियता से मौसम खुशनुमा बना हुआ है। बारिश ने जहां आम लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए भी यह राहत और उम्मीद लेकर आई है। आने वाले दिनों में भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।





