बिहार

Bihar: अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

Sarita
22 July 2025 6:23 AM IST
Bihar: अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़,  6 गिरफ्तार
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Bihar बिहार: आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसका मुख्य सरगना 21 वर्षीय हर्षित कुमार है, जिसे सुपौल के गौसपुर से गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ इस गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह सिम बॉक्स भी संचालित करता था। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह एक समानांतर एक्सचेंज संचालित करता था। साथ ही, इन सिम बॉक्स की मदद से रोजाना 10 हजार से ज्यादा फर्जी कॉल किए जाते थे और इन्हीं कॉल्स की मदद से साइबर ठगी की जाती थी।
केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, समानांतर एक्सचेंज की मदद से फर्जी कॉल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल करने से पिछले दो हफ्तों में 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि जनवरी से अब तक दूरसंचार मंत्रालय को 60 करोड़ रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है।
अब तक की जांच में पता चला है कि हर्षित कुमार पिछले कुछ सालों में थाईलैंड, बैंकॉक समेत एक दर्जन देशों की यात्रा कर चुका है। मोतिहारी में उसका करोड़ों का मकान है। उसके एक बैंक खाते में 2.50 करोड़ रुपये जमा हैं, जिसे सील कर दिया गया है। यह बैंक खाता मोतिहारी में है। उसके पास 12 से 14 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति पाई गई है। उसके अलग-अलग नामों से 30 से 35 बैंक खाते मिले हैं, जिनमें साइबर ठगी की रकम का लेन-देन हुआ। फिलहाल दूरसंचार विभाग अपने स्तर पर नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
इस सिम बॉक्स की मदद से वह फेसबुक समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए चीन, वियतनाम, कंबोडिया समेत अन्य देशों के नागरिकों के संपर्क में था और उसने टेलीग्राम ग्रुप भी बनाया था। इन विदेशी सरगनाओं के साथ मिलकर वह साइबर ठगी का पूरा सिस्टम चलाता था। इस गिरोह के तार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, दिल्ली, ओडिशा, झारखंड के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात, कंबोडिया, थाईलैंड, हांगकांग, चीन, वियतनाम, यूके और जर्मनी समेत अन्य जगहों से जुड़े हैं।
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