
पटना। बिहार सरकार ने ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य विधान परिषद में बुधवार को बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक-2026 पारित कर दिया गया। नए कानून के तहत अब सिर्फ जुआ खेलने वालों पर ही नहीं, बल्कि जुआ खेलने में सहयोग करने वाले लोगों, संस्थानों और माध्यमों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधान परिषद में बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक-2026 को पेश किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जुआ खेलने के तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं। पहले जहां ताश और पासे जैसे पारंपरिक माध्यमों से जुआ खेला जाता था, वहीं अब मोबाइल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों से बड़े स्तर पर सट्टेबाजी की जा रही है। ऐसे में पुराने कानून से इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करना मुश्किल हो रहा था।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि साल 1876 में बनाए गए कानून के तहत अब तक कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन उस समय जुआ का स्वरूप अलग था। आज ऑनलाइन माध्यमों से जुआ संचालित किया जा रहा है और कई एजेंसियां इसमें सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में बैंकिंग माध्यमों के जरिए भी लेनदेन किया जाता है, इसलिए नए कानून की जरूरत महसूस हुई।
नए विधेयक में ऑनलाइन गेम, मोबाइल एप और अन्य डिजिटल माध्यमों से होने वाले जुआ पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी के जाल से बचाना और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करना है। अब अगर कोई व्यक्ति जुआ खेलने में मदद करता है या किसी तरह की सुविधा उपलब्ध कराता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकेगी।
विधान परिषद में इस विधेयक के अलावा छह अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए। इनमें बिहार माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, बिहार कृषि भूमि गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन निरसन विधेयक-2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक-2026, बिहार चिकित्सा संशोधन विधेयक-2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण संशोधन विधेयक-2026 और बिहार चीनी उपक्रम अर्जन संशोधन विधेयक-2026 शामिल हैं।
विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने राशन कार्ड को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से बिहार को इस साल एक करोड़ नए राशन कार्डधारियों को जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर महीने 10 से 12 लाख नए राशन कार्ड जारी करने की तैयारी की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 99.9 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से लिंक किए जा चुके हैं। इसके अलावा आरटीपीएस और स्मार्ट पोर्टल को भी आपस में जोड़ा जा रहा है, जिससे राशन कार्ड से जुड़ी सेवाओं को और आसान बनाया जा सकेगा।
वहीं, पैक्सों के करीब ढाई हजार करोड़ रुपये के बकाये को लेकर भी विधान परिषद में चर्चा हुई। कई सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया। इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह योजना पूरी तरह केंद्र सरकार से जुड़ी हुई है और लगातार केंद्र के साथ बातचीत की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 1204 करोड़ रुपये की राशि पैक्सों को दी जा चुकी है और बाकी राशि जल्द मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र खोलने की योजना है। अभी तक 85 केंद्रों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से 32 केंद्र शुरू हो चुके हैं। सरकार ने इस साल 15 अगस्त तक 85 डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों को शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
बिहार सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियों से निपटने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। खासतौर पर ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी पर रोक लगाने वाला नया कानून युवाओं और आम लोगों को अवैध गतिविधियों से बचाने के उद्देश्य से लाया गया है।





