
नवादा: चर्चित प्रवीण हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रेम प्रसंग के चलते कोचिंग शिक्षक की हत्या कर शव जलाकर साक्ष्य मिटाने के मामले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विशेष न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर कुल 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामले में पकरीबरावां थाना क्षेत्र के दिओरा गांव निवासी भवानी कुमारी और असमा गांव के सुधांशु कुमार उर्फ छोटू कुमार को हत्या का दोषी पाया गया। अदालत ने दोनों को हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत सजा सुनाई, जबकि साक्ष्य मिटाने के आरोप में सात-सात साल की अतिरिक्त सजा और जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यह मामला नगर थाना कांड संख्या 1320/24 से जुड़ा है। पुलिस को सिसवां गांव से लुटन बिगहा जाने वाले मार्ग पर एक अर्धजला शव और मोटरसाइकिल मिली थी। बाइक के नंबर से मृतक की पहचान नवादा के कोचिंग शिक्षक प्रवीण कुमार के रूप में हुई, जो धमौल थाना क्षेत्र के ढोढ़ा गांव के रहने वाले थे।
जांच में सामने आया कि 9 नवंबर 2024 की शाम प्रवीण घर से नवादा के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनका मोबाइल भी बंद मिला। बाद में पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि प्रेम प्रसंग के कारण भवानी कुमारी और सुधांशु कुमार ने मिलकर उनकी हत्या की और पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया। अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी माना। फैसले के बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया। इस फैसले के बाद पूरे इलाके में मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।





