बिहार

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती: योग्यता और छूट की पूरी जानकारी

Saba Naaz
2 July 2026 2:40 PM IST
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती: योग्यता और छूट की पूरी जानकारी
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पटना, बिहार। बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्यपाल ने ‘स्टैच्यूट्स फॉर अपॉइंटमेंट ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसर्स, इनक्लूडिंग कॉन्ट्रैक्चुअल अपॉइंटमेंट्स ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसर्स, 2026’ को मंजूरी दे दी है। यह नई नियमावली 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य के विश्वविद्यालयों में लागू हो गई है।

नई व्यवस्था के तहत अब सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति 200 अंकों के आधार पर होगी। इसमें 175 अंकों की लिखित परीक्षा और 25 अंकों का इंटरव्यू शामिल होगा। लिखित परीक्षा तीन घंटे की होगी, जबकि इंटरव्यू में 13 अंक टीचिंग डेमो और 12 अंक बोर्ड के साथ संवाद के आधार पर दिए जाएंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टीचिंग डेमो की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है। नियमावली में अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष तय की गई है। पहले यह सीमा 40 वर्ष प्रस्तावित थी, लेकिन शोधार्थियों की मांग के बाद इसे बढ़ाकर 43 वर्ष कर दिया गया। हालांकि 10वीं और 12वीं के अंकों को मेरिट से हटाने की मांग स्वीकार नहीं की गई।

शैक्षणिक योग्यता के अनुसार संबंधित विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक होगी। आरक्षित वर्गों जैसे एससी, एसटी, ईबीसी, बीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अंकों की छूट दी जाएगी। साथ ही NET या SET परीक्षा पास करना अनिवार्य रखा गया है। हालांकि यूजीसी के नियमों के अनुसार पीएचडी धारकों को NET से छूट मिलेगी। पीएचडी योग्यता को लेकर भी नए मानक तय किए गए हैं। अब पीएचडी का मूल्यांकन दो बाहरी परीक्षकों द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा अभ्यर्थियों के पास कम से कम दो शोध पत्र प्रकाशित होना और एक शोध जर्नल प्रकाशित होना आवश्यक होगा। विदेश से पीएचडी करने वाले उम्मीदवारों के लिए संबंधित विश्वविद्यालय का विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में शामिल होना जरूरी होगा।

नियमित नियुक्तियां बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की अनुशंसा पर की जाएंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य कैबिनेट ने आयोग की संचालन नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त इंटरव्यू बोर्ड बनाए जा सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साक्षात्कार समय पर पूरे किए जा सकेंगे। नई नियमावली के लागू होने के बाद बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा मिल गई है। अब उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

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