बिहार

कलश यात्रा से गूंजा इलाका, शुरू हुआ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम

Saba Naaz
24 Jun 2026 5:50 PM IST
कलश यात्रा से गूंजा इलाका, शुरू हुआ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम
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Bihar: बेगूसराय नगर परिषद बीहट के वार्ड संख्या-12 स्थित ऐतिहासिक श्रीधारा बाबा स्थान में बुधवार से 72 घंटे के अखंड रामधुनी महायज्ञ और मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चारण, धार्मिक अनुष्ठानों और भक्तों की भारी भीड़ के बीच भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और वीर हनुमान की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा प्रक्रिया शुरू की गई। आयोजन के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से भर गया और चारों ओर जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर 351 कन्याओं ने भव्य कलश शोभायात्रा निकाली, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। यह कलश यात्रा वार्ड संख्या-12 से शुरू होकर मोहन गंगा घाट तक पहुंची, जहां कन्याओं ने पवित्र गंगाजल कलश में भरा। इसके बाद यात्रा 6 नंबर ढाला होते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई मंदिर परिसर पहुंची, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ इसका समापन किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ मौजूद रही और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कलश यात्रा के मार्ग में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं द्वारा कई स्थानों पर शरबत, ठंडा पानी और फल-फ्रूट की व्यवस्था की गई थी, जिससे यात्रा में शामिल लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पूरे मार्ग में धार्मिक नारे और भक्ति गीतों से माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया। कन्याओं की भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक भव्य और आकर्षक बना दिया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। एसडीपीओ कुमारी दुर्गा शक्ति के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। यात्रा के दौरान 6 नंबर ढाला रेलवे क्रॉसिंग पर विशेष निगरानी रखी गई और कन्याओं को सुरक्षित तरीके से पार कराया गया। कोल बोर्ड रोड पर कुछ समय के लिए यातायात भी रोक दिया गया ताकि शोभायात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सके। प्रशासन की मुस्तैदी से पूरी यात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न हुई।

स्थानीय लोगों के अनुसार श्रीधारा बाबा स्थान का इतिहास लगभग 100 वर्षों से भी अधिक पुराना है। यहां लंबे समय से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों की परंपरा चली आ रही है। वर्ष 1999 में यहां मुख्य मंदिर का निर्माण कराया गया था। अब इस स्थान पर भव्य राम-जानकी मंदिर में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है, जिससे इस धार्मिक स्थल का महत्व और बढ़ गया है।

यह 72 घंटे का अखंड रामधुनी महायज्ञ 28 जून को संपन्न होगा। समापन अवसर पर विशाल भंडारा और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति और ग्रामीण लगातार सक्रिय हैं। भंडारे की व्यवस्था अरुण भारती उर्फ प्रेम और फूलों देवी द्वारा संभाली जा रही है। वहीं आयोजन समिति के सदस्य नरेश सिंह, रामरतन सिंह, रामहरे सिंह, रणधीर सिंह, बिपिन सिंह, सुबोध सिंह, दिलीप कुमार, सुरेश रजक, संजय सिंह, अखिलेश सिंह, रतन, प्रिया कुमारी, बेबी कुमारी, रूबी कुमारी और कृष किशोर सहित कई लोग लगातार व्यवस्था में जुटे हुए हैं।

पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सामुदायिक सहभागिता देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह महायज्ञ एक भव्य और सफल आयोजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।

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