बिहार

चिकित्सा अनुदान की मंजूरी मेडिकल कॉलेज स्तर पर भी: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

Admindelhi1
12 March 2024 4:55 AM GMT
चिकित्सा अनुदान की मंजूरी मेडिकल कॉलेज स्तर पर भी: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
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स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख के स्तर से इसकी स्वीकृति दी जाती है

दरभंगा: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में कहा है कि मुख्यमंत्री चिकित्सा अनुदान की स्वीकृति अब मेडिकल कॉलेज स्तर से करने की व्यवस्था होगी. अभी स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख के स्तर से इसकी स्वीकृति दी जाती है. उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में रामप्रवेश राय के सवाल पर यह घोषणा की.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा अनुदान योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सभी आवेदनों पर त्वरित स्वीकृति देते हुए राशि का भुगतान समय पर किया जाता है. वर्ष 2020-21 में 13.15 हजार आवेदनों का निष्पादन करते हुए 93 करोड़ 63 लाख राशि स्वीकृत की गई. इसी तरह 2021-22 में 20,628 आवेदनों के विरुद्ध 153 करोड़ 28 लाख, वर्ष 2022-23 में 33,551 आवेदनों के विरुद्ध 224 करोड़ 93 लाख तथा वर्ष 2023-24 में 21 फरवरी तक 34,813 आवेदनों का निष्पादन करते हुए 218 करोड़ 83 लाख की स्वीकृति दी गयी.

गंगाजल को डैम में संचय करने की संभावना तलाशी जाएगी प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने ध्यानाकर्षण के जवाब में कहा कि बांका जिला के चांदन प्रखंड में बदुआ नदी पर हनुमाना डैम निर्मित है. इस डैम से मुंगेर जिले के संग्रामपुर, तारापुर और असरगंज तथा बांका जिले के बेलहर, शंभुगंज और फुल्लीडुमर तथा भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाती है. डैम के जलग्रहण क्षेत्र में कम बारिश होने से नहर के अंतिम छोर तक सिंचाई सुविधा देने में कठिनाई होती है. इसलिए गंगा नदी का जल हनुमाना डैम में ले जाकर संचयन करने की तकनीकी-आर्थिक संभावना तलाशी जाएगी.

विप में उठा डॉक्टरों की कमी का मामला

विधान परिषद में शून्यकाल के दौरान भाजपा के संजय प्रकाश ने आपके अपने हिन्दुस्तान में छपी खबर का हवाला देते हुए राज्य में डॉक्टरों की कमी का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में डॉक्टर और नर्स के 45 फीसदी पद रिक्त हैं. इससे मरीजों का समय पर इलाज नहीं हो पाता है. बिहार में 2700 की आबादी पर डॉक्टर की उपलब्धता है. डॉक्टर और नर्स की कमी दूर करने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाए.

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