
Bihar: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड के 18 दिन बाद एक और मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। मृतक की पहचान तुर्की थाना क्षेत्र के चढ़ुआ गांव निवासी 63 वर्षीय ई. संजीव कुमार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, ई. संजीव कुमार को ब्रेन हेमरेज की शिकायत के बाद 29 मई को प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उसी दौरान अस्पताल में आग लगने की घटना हुई और आईसीयू में जहरीला धुआं भर गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई थी।
परिजनों ने बताया कि आग लगने के समय अस्पताल में अफरातफरी मच गई थी। आईसीयू धुएं से भर गया था, जिसके बाद मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। मृतक के पुत्र केशव कुमार ने बताया कि उन्होंने जान जोखिम में डालकर अपने पिता को धुएं से भरे आईसीयू से बाहर निकाला था। बाद में अस्पताल कर्मियों और अन्य लोगों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर लाया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।
स्थिति बिगड़ने पर ई. संजीव कुमार को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित मेदांता अस्पताल रेफर किया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, आग से निकले जहरीले धुएं के कारण उनके फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। करीब 18 दिनों तक लगातार इलाज और वेंटिलेटर सपोर्ट के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस मौत के बाद प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड में मृतकों की संख्या नौ हो गई है। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर आग से बचाव, इमरजेंसी निकासी व्यवस्था और आईसीयू में मरीजों की सुरक्षा को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी नियमों की सख्त जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। यह हादसा स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों की पोल खोलता नजर आ रहा है, जहां मरीजों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है।





