
मोतिहारी: बिहार विधानसभा की याचिका समिति ने मंगलवार को मोतिहारी सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान समिति ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया और दलाली प्रथा तथा अवैध निजी एंबुलेंस संचालन पर कड़ी नाराजगी जताई। समिति ने मौके पर ही अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान समिति अध्यक्ष जनक सिंह के नेतृत्व में सदस्य इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड और अन्य विभागों में पहुंचे। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता, जांच व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य प्रदर्शन का भी आकलन किया गया।
समिति ने पाया कि अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता बनी हुई है, जिस पर गंभीर चिंता जताई गई। अध्यक्ष जनक सिंह ने कहा कि दलाली की वजह से गरीब मरीजों का आर्थिक शोषण होता है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से संचालित निजी एंबुलेंसों पर भी सवाल उठाए गए। समिति ने कहा कि अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं, जिससे मरीज और उनके परिजन भ्रमित होते हैं और कई बार उनसे मनमाना किराया वसूला जाता है। समिति ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए और रिपोर्ट तैयार करने को कहा।
इसके अलावा समिति ने अस्पताल में पेयजल व्यवस्था, शौचालय, बैठने की सुविधा और अन्य मूलभूत सेवाओं का भी निरीक्षण किया। कई स्थानों पर सुधार की आवश्यकता बताते हुए अस्पताल प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। समिति ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को उजागर करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है, ताकि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
अध्यक्ष जनक सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आए सभी बिंदुओं को विस्तार से रिपोर्ट के रूप में राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस निरीक्षण के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्रशासनिक स्तर पर भी व्यवस्थाओं को सुधारने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। समिति ने स्पष्ट किया कि मरीजों के हित में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





