बिहार

जन सुराज उम्मीदवार के समर्थन में अनंत सिंह, प्रशांत किशोर बोले- पार्टी में आना जरूरी नहीं

Kavita2
5 Oct 2026 9:55 AM IST
जन सुराज उम्मीदवार के समर्थन में अनंत सिंह, प्रशांत किशोर बोले- पार्टी में आना जरूरी नहीं
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पटना। बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला खास तौर पर चर्चा में है। इसकी वजह मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) विधायक अनंत सिंह का अपनी पार्टी के प्रत्याशी के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आना है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया है कि किसी उम्मीदवार का समर्थन करने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित नेता जन सुराज में शामिल होने जा रहा है।

जन सुराज ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। वहीं जदयू की ओर से नीरज कुमार प्रत्याशी हैं। नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में जदयू विधायक अनंत सिंह का अनुज सिंह के समर्थन में उतरना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

अनंत सिंह ने केवल समर्थन की घोषणा ही नहीं की बल्कि एक अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने अनुज सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करने की बात भी कही है। जदयू विधायक के इस रुख के बाद पार्टी के भीतर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

इस बीच प्रशांत किशोर से सवाल किया गया कि अनंत सिंह की जन सुराज से नजदीकी को किस रूप में देखा जाए और क्या आने वाले समय में वह पार्टी का हिस्सा बन सकते हैं। इस पर प्रशांत किशोर ने कहा कि हजारों लोग जन सुराज का समर्थन कर रहे हैं। जो लोग जन सुराज को वोट दे रहे हैं या उसके उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं, उन सभी का पार्टी में शामिल होना जरूरी नहीं है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि अनंत सिंह ने अभी ऐसा कुछ नहीं कहा है कि वह जन सुराज में शामिल होने जा रहे हैं। अगर भविष्य में ऐसी कोई बात सामने आती है और अनंत सिंह खुद जन सुराज में आने की इच्छा जाहिर करते हैं तो उस समय पार्टी इस पर फैसला करेगी। उन्होंने मौजूदा समर्थन को पार्टी में शामिल होने से अलग मामला बताया।

प्रशांत किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि अनंत सिंह न तो जन सुराज के सदस्य हैं और न ही जन सुराज उनके राजनीतिक फैसलों के लिए जिम्मेदार है। उनके मुताबिक किसी दूसरी पार्टी का नेता यदि जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन करता है तो उससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह पार्टी बदलने जा रहा है।

दरअसल पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह का रुख इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि यहां उनकी अपनी पार्टी जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। इसके बावजूद अनंत सिंह जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ खड़े हैं। उन्होंने पहले ही अनुज के समर्थन की घोषणा कर दी थी और बाद में उनके नामांकन में भी पहुंचे।

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद की चर्चा पहले से रही है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार की उम्मीदवारी का विरोध करते हुए उनके खिलाफ व्यक्तिगत नाराजगी भी जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने पूर्व में उनके खिलाफ साजिश में भूमिका निभाई थी। यह अनंत सिंह का आरोप है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अनंत सिंह के रुख पर जदयू नेतृत्व की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि उनका लक्ष्य विधान परिषद की सभी आठ संबंधित सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों के लिए काम करना है। जदयू नेता श्रवण कुमार ने कहा कि अनंत सिंह और नीरज कुमार से जुड़ा मामला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में है और उचित समय पर इसका समाधान किया जाएगा।

जन सुराज ने विधान परिषद की सभी आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पटना स्नातक सीट पर डॉ. अनुज सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। अनुज सिंह शिक्षाविद हैं और उन्होंने रिसोर्स जियोग्राफी में पीएचडी की है। उनका नाम जन सुराज की दूसरी उम्मीदवार सूची में घोषित किया गया था।

बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। इन सीटों के चुनाव में सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता मतदान नहीं करते, बल्कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत शिक्षक और स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनते हैं।

इन चुनावों के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला अनंत सिंह के रुख के कारण अधिक चर्चा में आ गया है। जदयू के विधायक होते हुए उनका जन सुराज प्रत्याशी के लिए समर्थन करना पार्टी लाइन से अलग राजनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अनंत सिंह ने अपने फैसले को व्यक्तिगत बताते हुए यह संकेत दिया है कि वह अपने निर्णय पर कायम हैं।

दूसरी तरफ प्रशांत किशोर ने इस समर्थन को लेकर किसी तरह के दल-बदल की अटकलों से दूरी बनाई है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति का जन सुराज उम्मीदवार का समर्थन करना और जन सुराज में शामिल होना दो अलग बातें हैं। पार्टी में किसी नेता की संभावित एंट्री का सवाल तभी उठेगा, जब संबंधित व्यक्ति खुद ऐसी इच्छा जाहिर करेगा।

अनंत सिंह के जन सुराज में शामिल होने को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया से भी यही स्पष्ट है कि जन सुराज अभी इस समर्थन को केवल चुनावी समर्थन के रूप में देख रही है। भविष्य में यदि अनंत सिंह की ओर से पार्टी में शामिल होने का कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर अलग से फैसला लिया जाएगा।

फिलहाल पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच राजनीतिक मुकाबले के साथ अनंत सिंह की भूमिका भी चर्चा में बनी हुई है। विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव के बीच उनका यह कदम जदयू और जन सुराज दोनों के लिए सियासी बहस का विषय बन गया है।

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