बिहार

हिंदू कारीगर का कमाल: गया में बना भव्य हेलीकॉप्टर ताजिया

Saba Naaz
26 Jun 2026 3:16 PM IST
हिंदू कारीगर का कमाल: गया में बना भव्य हेलीकॉप्टर ताजिया
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गया जी: बिहार की ज्ञान और मोक्ष की भूमि गया जी से इस बार मुहर्रम के मौके पर आपसी भाईचारे और कौमी एकता की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। जिले के इमामगंज प्रखंड स्थित झिकटिया गांव में इस वर्ष मुहर्रम के पावन अवसर पर बनाया गया एक अनोखा 'हेलीकॉप्टर नुमा ताजिया' पूरे क्षेत्र में भारी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस ताजिया की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसे किसी मुस्लिम नहीं, बल्कि गांव के ही एक प्रतिभावान हिंदू कारीगर ने अपने हाथों से तराश कर तैयार किया है। यह भव्य ताजिया अपनी बेहतरीन शिल्पकला के साथ-साथ समाज को सामाजिक सौहार्द और एकता का एक बड़ा संदेश दे रहा है।

आसमान छूने को तैयार 'हेलीकॉप्टर ताजिया' बना चर्चा का विषय

इमामगंज प्रखंड के झिकटिया गांव में जैसे ही इस अनूठे ताजिया को अखाड़े के लिए बाहर निकाला गया, इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसकी बिल्कुल अनोखी बनावट, रंग-बिरंगी आकर्षक सजावट और बेहद बारीक कारीगरी को देखने के लिए केवल झिकटिया गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। हवा में उड़ने वाले हेलीकॉप्टर की तर्ज पर बने इस ताजिया को देखकर हर कोई हैरान है। इसकी भव्यता ऐसी है कि जो कोई भी वहां से गुजर रहा है, वह ठहरकर इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाने से खुद को रोक नहीं पा रहा है।

पिछले 10 वर्षों से लगातार ताजिया बना रहे हैं प्रदीप शर्मा

इस अद्भुत और विशेष ताजिया को झिकटिया गांव के स्थानीय निवासी व पेशे से बढ़ई (शिल्पकार) प्रदीप शर्मा ने तैयार किया है। प्रदीप शर्मा के लिए यह कोई पहली बार नहीं है; वे पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार हर साल मुहर्रम के मौके पर पूरी अकीदत और लगन के साथ ताजिया का निर्माण करते आ रहे हैं। उनकी खासियत यह है कि वे हर साल पारंपरिक डिजाइनों से हटकर कुछ नया और अलग करने की कोशिश करते हैं। इस बार उन्होंने अपनी रचनात्मकता और कला का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ताजिया को पूरी तरह से एक आधुनिक हेलीकॉप्टर का स्वरूप दे दिया, जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है।

कला के जरिए हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को दे रहे हैं मजबूती

झिकटिया और आसपास के ग्रामीण प्रदीप शर्मा की इस कलात्मक पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदीप शर्मा की यह उत्कृष्ट कारीगरी केवल लकड़ी और कागजों का खेल नहीं है, बल्कि यह हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी प्रेम और अखंड भाईचारे की एक जीवंत मिसाल है। वर्षों से वे बिना किसी धार्मिक भेदभाव के, मुस्लिम समुदाय के इस महत्वपूर्ण पर्व में अपनी कला के जरिए अपना योगदान दे रहे हैं, जिसने पूरे क्षेत्र में उन्हें एक बेहद सम्मानित स्थान दिलाया है।

देश को मिला धार्मिक सौहार्द और एकता का पैगाम

झिकटिया गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों का मानना है कि मुहर्रम के पावन और संवेदनशील अवसर पर यह पहल समाज में बिखराव को रोककर आपसी सम्मान को बढ़ावा देती है। यह ताजिया इस बात का गवाह है कि भारत के ग्रामीण अंचलों में आज भी सांस्कृतिक और धार्मिक सौहार्द की जड़ें कितनी मजबूत हैं। मुहर्रम के मुख्य आयोजन के दौरान इस हेलीकॉप्टर ताजिया को देखने के लिए लोगों का तांता लगातार लगा हुआ है। स्थानीय जनता को पूरी उम्मीद है कि प्रदीप शर्मा की यह अनोखी और अनुकरणीय कारीगरी आने वाले वर्षों में भी इसी तरह गया जी के इस इलाके की मुख्य पहचान बनी रहेगी और देश को एकता का संदेश देती रहेगी।

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