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Guwahati गुवाहाटी: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमुख आधार बताया। गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जब धन “दीदियों” के हाथ में आता है, तो गांवों की अर्थव्यवस्था को व्यापक ताकत मिलती है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं प्राप्त धन का उपयोग परिवार और समाज की आवश्यकताओं पर करती हैं, जिससे स्थानीय बाजारों में गतिविधियां बढ़ती हैं। उन्होंने कहा, “जब महिलाएं खर्च करती हैं, तो दुकानों का कामकाज चलता है, छोटे व्यवसायों को सहारा मिलता है और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक चक्र तेज होता है।”
शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और महिला-केंद्रित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने न केवल महिलाओं की आय बढ़ाई है, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को भी प्रोत्साहन दिया है। उनके अनुसार, महिलाओं को वित्तीय संसाधनों तक आसान पहुंच देने से परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि देखी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के कौशल विकास, उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास और समावेशी वृद्धि को गति मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के हाथ में बढ़ती आर्थिक क्षमता से उपभोग, बचत और निवेश के नए अवसर बनते हैं, जो अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक स्थिर और सशक्त बनाते हैं। चौहान के बयान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।
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