असम

मशहूर पत्रकार और सांस्कृतिक कार्यकर्ता Kumar Bhaskarjyoti का निधन

Harrison
29 April 2026 6:58 PM IST
मशहूर पत्रकार और सांस्कृतिक कार्यकर्ता Kumar Bhaskarjyoti का निधन
x
Assam असम: मशहूर टेलीविज़न होस्ट, रेडियो जॉकी, लेखक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता कुमार भास्करज्योति का बुधवार को 50 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से मीडिया और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। असम के मीडिया और सांस्कृतिक क्षेत्र में उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई और अपनी अलग पहचान बनाई।
कुमार भास्करज्योति को असम में एक लोकप्रिय और बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता था। उन्होंने न केवल टेलीविज़न पर होस्ट के रूप में काम किया, बल्कि रेडियो जगत में भी अपनी आवाज और प्रस्तुति से श्रोताओं के बीच खास जगह बनाई। इसके साथ ही वे एक लेखक और सांस्कृतिक एक्टिविस्ट के रूप में भी सक्रिय रहे।
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों का संचालन किया और विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाई। उनकी प्रस्तुति शैली और संवाद क्षमता ने उन्हें आम लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया था। वे ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने मीडिया को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने के माध्यम के रूप में देखा।
असम के सांस्कृतिक माहौल में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने स्थानीय संस्कृति,
परंपराओं और सामाजिक मुद्दों
को अपनी लेखनी और कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक मंच दिया। कई युवा पत्रकारों और कलाकारों के लिए वे प्रेरणा स्रोत भी रहे।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मीडिया जगत, साहित्यिक संगठनों और सांस्कृतिक संस्थाओं में शोक व्यक्त किया गया है। कई लोगों ने उन्हें एक सरल, मिलनसार और प्रतिभाशाली व्यक्ति बताया, जिन्होंने अपने काम के जरिए समाज में सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, वे लंबे समय से
मीडिया और सांस्कृतिक गतिविधियों
से जुड़े हुए थे और लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके काम को लेकर कई मंचों पर सम्मान भी मिल चुका था।
उनके साथ काम करने वाले सहयोगियों का कहना है कि कुमार भास्करज्योति हमेशा नए विचारों के साथ आगे बढ़ते थे और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते थे। वे मीडिया को केवल खबरों तक सीमित नहीं मानते थे, बल्कि उसे समाज परिवर्तन का एक माध्यम मानते थे।
उनके निधन के बाद असम के सांस्कृतिक और मीडिया जगत में एक खालीपन महसूस किया जा रहा है। कई संगठनों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है।
कुमार भास्करज्योति का जीवन मीडिया, साहित्य और संस्कृति के बीच एक मजबूत पुल की तरह रहा, जिसने कई क्षेत्रों को जोड़ने का काम किया। उनका जाना न केवल एक व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि पूरे सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी हानि माना जा रहा है।
उनके कार्यों और योगदान को आने वाले समय में भी याद किया जाएगा। उन्होंने जिस तरह से अपनी आवाज और लेखनी के माध्यम से समाज को प्रभावित किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
Next Story