कॉटन यूनिवर्सिटी और आर्यनक के बीच MoU, अकादमिक और शोध सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

Guwahati : कॉटन यूनिवर्सिटी (CU) ने सोमवार को 'आरण्यक' (Aaranyak) के साथ एक MoU पर साइन किया। इसका मकसद बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन (जैव विविधता संरक्षण), क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन), एनवायरनमेंटल गवर्नेंस (पर्यावरण प्रशासन), डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (आपदा जोखिम कम करना) और सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) जैसे विषयों पर एकेडमिक और रिसर्च से जुड़े कामों में सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रेस रिलीज़ के अनुसार, कॉटन यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. हिरेन डेका और आरण्यक के सेक्रेटरी जनरल डॉ. बिभब कुमार तालुकदार ने कॉटन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रमेश चंद्र डेका की मौजूदगी में इस MoU पर साइन किए।
पांच साल की इस पार्टनरशिप से जॉइंट रिसर्च, स्टूडेंट इंटर्नशिप, फैकल्टी और रिसर्चर एक्सचेंज, कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम, मिलकर पब्लिकेशन तैयार करने और सेमिनार व वर्कशॉप के ज़रिए जानकारी साझा करने को बढ़ावा मिलेगा। इस MoU साइनिंग के दौरान प्रो. शांतनु शर्मा (डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट), प्रो. ईशान कलिता (डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर), डॉ. नारायण शर्मा (डिपार्टमेंट ऑफ़ एनवायरनमेंटल बायोलॉजी एंड वाइल्डलाइफ़ साइंसेज) के साथ-साथ आरण्यक के दो सीनियर साइंटिस्ट और डायरेक्टर डॉ. पार्थ ज्योति दास और उदयन बोरठाकुर भी मौजूद थे।
प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि यह सहयोग समाज और क्षेत्र के फ़ायदे के लिए इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, पर्यावरण की देखभाल और सार्थक एकेडमिक जुड़ाव को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।
इस अहम घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरण्यक के सेक्रेटरी जनरल डॉ. बिभब कुमार तालुकदार ने कहा, "आरण्यक की ओर से, मैं कॉटन यूनिवर्सिटी के माननीय वाइस चांसलर और उनकी टीम के सदस्यों का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने इस MoU साइनिंग को मुमकिन बनाया। इससे हमें एप्लाइड रिसर्च और कंजर्वेशन के विविध क्षेत्रों में मिलकर काम करने का शानदार मौका मिलेगा, जिससे स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को फ़ायदा होगा।"





