
Assam असम: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को अपनी सरकार के 16 मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें ‘जिला गार्जियन’ नियुक्त किया है। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य सरकार और जिला प्रशासन के बीच समन्वय को मजबूत करना और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि मंत्री अब अपने-अपने जिलों के प्रशासनिक ढांचे के साथ मिलकर काम करेंगे, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी बेहतर होगी और जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचेगा।
नई व्यवस्था के तहत मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली को तिनसुकिया और जोरहाट जिलों का गार्जियन बनाया गया है। वहीं असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष अतुल बोरा को कामरूप (मेट्रो) और धेमाजी जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी तरह चरण बोरो को कोकराझार, बक्सा और चिरांग जिलों का प्रभार दिया गया है, जबकि मंत्री अजंता नियोग को मोरीगांव और कामरूप जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से जिलों में चल रही योजनाओं की निगरानी और उनकी गति दोनों में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रत्येक मंत्री अपने आवंटित जिलों में नियमित रूप से प्रशासनिक बैठकों में शामिल होंगे और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा वे स्थानीय समस्याओं को भी सीधे सरकार तक पहुंचाएंगे, जिससे समाधान प्रक्रिया तेज होगी।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि इस मॉडल के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण, कृषि और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला प्रशासन और मंत्रियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाएं कम होंगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल जिलों में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी, बल्कि जनता और सरकार के बीच दूरी भी कम होगी।
असम सरकार की इस नई व्यवस्था को राज्य में सुशासन और विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में जिलों के स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी हो सकती है।





