असम

ब्रह्मपुत्र नदी घाट पर बड़ी कार्रवाई, 36 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में

Rajeshwari Nishad
30 Oct 2026 6:08 PM IST
ब्रह्मपुत्र नदी घाट पर बड़ी कार्रवाई, 36 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में
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गुवाहाटी। असम में अवैध घुसपैठ के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित धुबरी जिले में पुलिस ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई धुबरी के जोगमाया फेरी घाट पर खुफिया सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी लोग हाटसिंगीमारी से एक मोटर चालित नाव के जरिए धुबरी पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, उनके दस्तावेजों और भारत में प्रवेश के वास्तविक रास्ते की जांच जारी है। पुलिस को आशंका है कि इन लोगों को सीमा पार कराने और देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
जोगमाया फेरी घाट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, धुबरी पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों का एक समूह नदी के रास्ते जिले में पहुंचने वाला है।इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जोगमाया फेरी घाट के आसपास निगरानी बढ़ा दी।शुक्रवार को जब संदिग्ध समूह मोटर चालित नाव से घाट पर पहुंचा, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 36 लोगों को हिरासत में ले लिया।इसके बाद सभी को पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के लिए धुबरी पुलिस रिजर्व ले जाया गया।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये लोग भारत में कब दाखिल हुए थे, उनके पास कौन-कौन से पहचान संबंधी दस्तावेज हैं और उनका वास्तविक गंतव्य क्या था।यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब असम सरकार सीमा पार से अवैध प्रवेश की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और जांच अभियान चला रही है।
एसएसपी देबाशीष बोरा ने दी जानकारी
धुबरी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देबाशीष बोरा ने बताया कि विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया था।उनके अनुसार, पुलिस ने कुल 36 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जानकारी में सभी के बांग्लादेशी नागरिक होने के संकेत मिले हैं।एसएसपी ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में हिरासत में लिए गए लोगों में किसी भारतीय नागरिक की पहचान नहीं हुई है।हालांकि, पुलिस अभी संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकता, प्रवेश मार्ग और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांग्लादेश के राजशाही क्षेत्र से जुड़े होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिए गए लोग बांग्लादेश के राजशाही संभाग के चापाई नवाबगंज क्षेत्र के निवासी हो सकते हैं।पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि समूह हाटसिंगीमारी से नाव पर सवार होकर धुबरी पहुंचा था।हालांकि, हाटसिंगीमारी से धुबरी तक की नाव यात्रा को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बराबर नहीं माना जा सकता। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों ने वास्तव में भारत-बांग्लादेश सीमा कब और कहां पार की थी।कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि समूह के सदस्यों ने भारत में प्रवेश के लिए अन्य सीमावर्ती रास्तों का इस्तेमाल किया था।इन दावों की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
चेन्नई जाने की थी योजना?
मामले में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्तियों का इरादा असम से आगे तमिलनाडु के चेन्नई जाने का हो सकता था।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चेन्नई जाने के पीछे इन लोगों का उद्देश्य क्या था।यह भी जांच की जा रही है कि यात्रा के लिए टिकट, वाहन या अन्य व्यवस्था किसने की थी।फिलहाल चेन्नई पहुंचने की योजना के बारे में अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद समूह की गतिविधियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
सीमा पार कराने वाले दलालों की तलाश
इस मामले में कथित मानव तस्करी या अवैध सीमा पार कराने वाले नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है।कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, संदिग्ध व्यक्तियों को भारत पहुंचाने और आगे भेजने के लिए बिचौलियों ने प्रति व्यक्ति लगभग 15 हजार से 17 हजार रुपये तक वसूल किए हो सकते हैं।जांच में मिलन नाम के एक कथित बिचौलिए की भूमिका का भी उल्लेख सामने आया है।हालांकि, इस व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस संबंधित आरोपों और संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या समूह की यात्रा किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से कराई गई थी।साथ ही, जिन लोगों ने यात्रा की व्यवस्था की या कथित तौर पर आर्थिक लाभ प्राप्त किया, उनकी पहचान करने का प्रयास जारी है।
असम सरकार ने 23 अन्य लोगों को वापस भेजने की दी जानकारी
धुबरी में 36 लोगों को हिरासत में लिए जाने के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई को लेकर एक और जानकारी साझा की है।मुख्यमंत्री ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर बताया कि 23 अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजा गया है।उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये लोग राज्य के किस जिले से पकड़े गए थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में अवैध प्रवेश के मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।हालांकि, वापस भेजे गए इन 23 लोगों का धुबरी में शुक्रवार को हिरासत में लिए गए 36 व्यक्तियों से कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है।
दोनों कार्रवाइयों को अलग-अलग माना जाना चाहिए।
दो दिन पहले नौ विदेशी नागरिक पकड़े गए थेधुबरी जिले में इससे पहले भी अवैध प्रवेश के आरोप में कार्रवाई हुई थी।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 27 अक्टूबर को जानकारी दी थी कि धुबरी में नौ विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है।इन व्यक्तियों को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के हवाले किया गया था।मुख्यमंत्री ने बताया था कि संबंधित लोगों को भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए वापस भेजने की प्रक्रिया के लिए बीएसएफ को सौंपा गया है।
हालांकि, उस कार्रवाई में पकड़े गए व्यक्तियों की राष्ट्रीयता और उन्हें हिरासत में लेने के स्थान की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई थी।यह घटना भी सीमा सुरक्षा को लेकर प्रशासन की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।
असम की 267 किलोमीटर से अधिक सीमा बांग्लादेश से लगती हैअसम के चार जिले बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।इनमें धुबरी, दक्षिण सलमारा-मानकाचर, कछार और श्रीभूमि शामिल हैं।
इन जिलों से गुजरने वाली भारत-बांग्लादेश सीमा की कुल लंबाई लगभग 267.5 किलोमीटर है।कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में नदियों और जलमार्गों के कारण निगरानी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।विशेष रूप से नदी के रास्तों पर नियमित पेट्रोलिंग और स्थानीय खुफिया जानकारी सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।बीएसएफ अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, जबकि राज्य पुलिस संबंधित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और आपराधिक मामलों की जांच करती है।
दस्तावेजों की जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
धुबरी पुलिस के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण काम हिरासत में लिए गए लोगों की नागरिकता और यात्रा संबंधी जानकारी का सत्यापन करना है।पुलिस यह जांच कर रही है कि उनके पास वैध पासपोर्ट, वीजा या भारत में प्रवेश की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।यदि जांच में विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश की पुष्टि होती है, तो लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान संबंधित व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना भी आवश्यक है।फिलहाल पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच जारी रखी है। आने वाले दिनों में पूछताछ और दस्तावेजों की जांच से अवैध प्रवेश के संभावित रास्तों तथा इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
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