असम

मुरकंगसेलेक-पासीघाट नई रेल लाइन परियोजना के मुरकंगसेलेक-सिल्ले सेक्शन का CRS निरीक्षण होगा

Gulabi Jagat
11 Feb 2026 8:26 PM IST
मुरकंगसेलेक-पासीघाट नई रेल लाइन परियोजना के मुरकंगसेलेक-सिल्ले सेक्शन का CRS निरीक्षण होगा
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Haflong, Assam: पूर्वोत्तर सीमांत परिमण्डल के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) सुमीत सिंघल 12 और 13 फरवरी, 2026 को नवनिर्मित मुरकंगसेलेक-सिल्ले सेक्शन (लगभग 15.60 कि.मी.) का दो दिवसीय रणनीतिक निरीक्षण करेंगे। यह सेक्शन पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के तिनसुकिया मंडल के अधीन 26.15 कि.मी. लंबा मुरकंगसेलेक-पासीघाट नई रेल लाइन परियोजना का पहला चरण है। इस निरीक्षण के सफलतापूर्वक पूरा होने और उसके बाद अनुमोदन मिलने से माल और यात्री दोनों प्रकार की सेवाओं के लिए सिल्ले तक नियमित ट्रेन परिचालन शुरू करने का मार्ग स्पष्ट हो जाएगा, जिससे इस इलाके में रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। निरीक्षण के दौरान, सीआरएस के साथ एनएफआर निर्माण संगठण के वरिष्ठ अधिकारी भी होंगे, जिनके पर्यवेक्षण में यह कार्य किया गया है। यह निरीक्षण मुरकंगसेलेक स्टेशन से 08:30 बजे शुरू होगा।
मुरकंगसेलेक-पासीघाट नई रेल लाइन परियोजना 26.15 कि.मी. लंबा है, जो असम के मुरकंगसेलेक से शुरू होकर अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट तक फैला है। इस परियोजना को दो चरणों में बांटा गया है — चरण-I: मुरकंगसेलेक-सिल्ले (15.60 कि.मी.) और चरण-II: सिल्ले-पासीघाट (10.55 कि.मी.)। इस अलाइनमेंट में तीन नए स्टेशन- सिल्ले, लाबो और पासीघाट हैं। इसके अलावा कई बड़े और छोटे पुल, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी), रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) आदि भी शामिल है।
संपूर्ण 26.15 कि.मी. की परियोजना पूरी होने पर, यह लाइन अरुणाचल प्रदेश के लोगों की असम और देश के बाकी हिस्सों से कनेक्टिविटी को काफी बेहतर बनाएगी। इस परियोजना से क्षेत्र में छोटे उद्योगों, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे परिवहन का खर्च और यात्रा समय भी कम होगा, आवश्यक सामग्रियों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी और इस क्षेत्र के लोगों को रेल मार्ग से लंबी दूरी की पहुंच मिलेगी।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल अवसंरचना का तेज़ी से विस्तार, क्षेत्रों को एकीकृत करने और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे एक बड़ा बदलाव लाने की भूमिका का निर्वाह कर रहा है।
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