
Assam असम: रायजोर दल के चीफ और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई की मां, प्रियदा गोगोई का लंबी बीमारी के बाद बुधवार सुबह गुवाहाटी में निधन हो गया। प्रियदा गोगोई की उम्र 96 वर्ष थी। परिवार के अनुसार, वह कई वर्षों से उम्र से जुड़ी बीमारियों का इलाज करा रही थीं और बुधवार सुबह लगभग 6:20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
प्रियदा गोगोई का निधन असम में राजनीतिक और सामाजिक circles में शोक की लहर पैदा कर गया। अखिल गोगोई के समर्थकों और अन्य राजनीतिक नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। सूत्रों ने बताया कि प्रियदा गोगोई ने अपने बेटे के राजनीतिक सफर में हमेशा महत्वपूर्ण मार्गदर्शन और सहयोग किया। खासकर 2021 के असम विधानसभा चुनाव के दौरान, जब अखिल गोगोई CAA विरोधी प्रदर्शनों के कारण जेल में थे और उन्होंने शिवसागर से इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ा, उस समय प्रियदा गोगोई ने उनके समर्थन और प्रचार में अहम भूमिका निभाई।
प्रियदा गोगोई के पार्थिव शरीर को जोरहाट जिले में मरियानी के पास सेलेनघाट ले जाया जा रहा है। अंतिम संस्कार परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में संपन्न होगा। परिवार ने शोक संतप्त लोगों से शांति बनाए रखने और अंतिम संस्कार के समय सुविधा अनुसार शामिल होने का आग्रह किया है।
अखिल गोगोई के करीबी सहयोगियों ने बताया कि प्रियदा गोगोई न केवल अपने बेटे के राजनीतिक सफर में बल्कि सामाजिक कार्यों में भी हमेशा सक्रिय रही हैं। उन्होंने स्थानीय समाज और परिवार के लिए कई वर्षों तक सेवाएं दीं और अपने ज्ञान और अनुभव से लोगों का मार्गदर्शन किया।
राज्य के कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने भी प्रियदा गोगोई के निधन पर संवेदना व्यक्त की। उन्हें असम के राजनीतिक परिदृश्य में एक सम्मानित और प्रेरणादायक महिला के रूप में याद किया जा रहा है। अखिल गोगोई ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर माताजी के निधन की जानकारी साझा कर भावुक संदेश में कहा कि उनकी माँ हमेशा उनके जीवन और राजनीति में एक मजबूत प्रेरणा रही हैं।
प्रियदा गोगोई के निधन के बाद शिवसागर और आसपास के इलाकों में लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए शोक व्यक्त किया। उनके परिवार और समर्थक मानते हैं कि प्रियदा गोगोई की सोच और मार्गदर्शन ने अखिल गोगोई को राजनीति में मजबूती और साहस प्रदान किया।
इस प्रकार प्रियदा गोगोई का निधन न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि असम के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य के लिए भी एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।





