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असम बाढ़: घटे प्रभावित लोग, बढ़ा मौतों का आंकड़ा

Kavita2
29 July 2026 11:49 AM IST
असम बाढ़: घटे प्रभावित लोग, बढ़ा मौतों का आंकड़ा
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असम : बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सुधरने के संकेत दे रही है, लेकिन आपदा से हुई तबाही का असर अब भी कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान सात और लोगों की मौत दर्ज की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या में कमी आई है और अब यह आंकड़ा घटकर करीब 3.32 लाख रह गया है।

राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, दवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाई जा रही है।

मुआवजा राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपये की गई

बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए राज्य सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के परिजनों को अब 9 लाख रुपये प्रति परिवार की सहायता राशि दी जाएगी।

सरकार ने मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी कुछ राहत दी है, ताकि प्रभावित परिवारों को सहायता मिलने में अनावश्यक देरी न हो। प्रशासन का कहना है कि आपदा के समय पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

सात जिलों में सामने आईं नई मौतें

पिछले 24 घंटों में हुई मौतों के मामले राज्य के कई जिलों से सामने आए हैं। इनमें शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और सोनितपुर समेत अन्य प्रभावित जिले शामिल हैं।

इन जिलों में बाढ़ का पानी कई इलाकों में पहुंच गया था, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों और राहत दलों की मदद ली जा रही है।

प्रभावितों की संख्या में आई कमी

अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों की तुलना में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या में कमी आई है। पहले जहां बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की चपेट में थे, वहीं अब पानी कम होने के बाद कई परिवार अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।

हालांकि, कई इलाकों में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने मेडिकल टीमों को सक्रिय रखने और बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

राहत शिविरों में रह रहे लोग

बाढ़ प्रभावित कई परिवार अभी भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। इन शिविरों में लोगों के रहने, खाने और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासन के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठन भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।

फसलों और संपत्ति को नुकसान

असम में बाढ़ ने बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका को भी प्रभावित किया है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा कई स्थानों पर घरों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है, ताकि प्रभावित लोगों को उचित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि हालांकि कई क्षेत्रों में पानी का स्तर कम हुआ है, लेकिन मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को तैयार रखा गया है।

मानसून के दौरान चुनौती बनी बाढ़

असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण राज्य के कई जिले प्रभावित होते हैं।

इस बार भी बाढ़ ने लोगों के जीवन को प्रभावित किया है, लेकिन प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज किए गए हैं। मृतकों के परिवारों के लिए बढ़ाई गई मुआवजा राशि और नियमों में दी गई छूट से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल राज्य सरकार की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करना, लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

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