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असम में बाढ़ का कहर जारी, 75 लोगों की मौत

Kavita2
29 July 2026 11:03 AM IST
असम में बाढ़ का कहर जारी, 75 लोगों की मौत
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असम : बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिले इस समय भीषण जलभराव और नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है। हाल में हुई मौतें शिवसागर जिले से सामने आई हैं, जो बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है।

बाढ़ के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हजारों लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय लोग मिलकर प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं।

शिवसागर में बाढ़ की भयावह तस्वीर

शिवसागर जिले से सामने आई एक तस्वीर ने बाढ़ की गंभीरता और मानवीय संवेदनाओं को उजागर कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक व्यक्ति कमर नहीं बल्कि गले तक भरे बाढ़ के पानी में खड़ा दिखाई दे रहा है। उसके हाथों में एक छोटा बछड़ा है, जिसे उसने अपनी छाती से मजबूती से चिपका रखा है।




वीडियो में देखा जा सकता है कि बाढ़ का पानी चारों तरफ फैला हुआ है और व्यक्ति बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच बछड़े को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उसके चेहरे पर डर और चिंता साफ दिखाई दे रही है। वह खुद पानी के तेज बहाव के बीच खड़ा है, लेकिन उसकी प्राथमिकता बछड़े की जान बचाना है।

वीडियो में कुछ अन्य लोग भी उसकी मदद करते नजर आ रहे हैं। वे उसे संतुलन बनाए रखने के लिए बांस की लाठी आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि वह पानी के दबाव के बीच अपना संतुलन न खोए। यह दृश्य बाढ़ के दौरान इंसानों और पशुओं दोनों के सामने आने वाली मुश्किलों को दिखाता है।

पशुओं पर भी बाढ़ का असर

असम में हर साल आने वाली बाढ़ का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बड़ी संख्या में पशु भी प्रभावित होते हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मवेशी उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में बाढ़ के दौरान लोग अपनी जान जोखिम में डालकर अपने पशुओं को बचाने का प्रयास करते हैं।

शिवसागर से वायरल हुआ वीडियो इसी मानवीय भावना को दर्शाता है। बाढ़ के पानी के बीच अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना बछड़े को बचाने की कोशिश कर रहे व्यक्ति की तस्वीर ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। कई लोग इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं और इसे इंसान तथा पशु के बीच संवेदनशील रिश्ते का उदाहरण बता रहे हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य लगातार जारी हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन, पेयजल और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में नावों के माध्यम से लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन दलों के साथ स्थानीय स्वयंसेवक भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में जहां सड़क संपर्क टूट गया है, वहां नावों और अन्य साधनों के जरिए सहायता पहुंचाई जा रही है।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी परेशानी

असम में बाढ़ की स्थिति अक्सर ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर बढ़ने के कारण गंभीर हो जाती है। लगातार बारिश और नदी के उफान पर आने से कई इलाकों में पानी घरों, खेतों और सड़कों तक पहुंच जाता है।

बाढ़ के कारण किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो जाती हैं और पशुओं के लिए चारे की समस्या भी पैदा हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने पशुधन को बचाने की चुनौती भी रहती है।

वायरल वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान

शिवसागर जिले का वायरल वीडियो बाढ़ की मुश्किल परिस्थितियों के बीच मानवीय साहस और संवेदना की कहानी सामने लाता है। जहां एक ओर बाढ़ ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर ऐसे दृश्य यह दिखाते हैं कि संकट के समय लोग एक-दूसरे और बेजुबान जानवरों की मदद के लिए आगे आते हैं।

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से पहुंचाए जाएं और लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इस बीच शिवसागर से सामने आया यह वीडियो बाढ़ की भयावहता के साथ-साथ इंसानियत की एक भावुक तस्वीर भी पेश कर रहा है।

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